कैटरर ही रेलवे के नियम मानने को तैयार नहीं

इंदौर: आये दिन ट्रैन के खाने को लेकर बहुत सी खबरे सुनने को मिल रही है. सभी को पता है कि ट्रैन का खाना कितना ख़राब होता है. ट्रैन के खाने को लेकर बहुत सी बातें की गई थी. लेकिन फिर भी अब तक ट्रैन के खाने में कोई ना कोई समस्या आ रही है. लोगों को कहना है कि एक तो पहले ही ट्रैन का खाना महंगा होता है, ट्रैन के खाने के लिए ज्यादा पैसा देना होता है. लेकिन फिर भी ट्रैन का खाना बासी और ख़राब ही मिल रहा है. 

अब रेलवे के खाने को लेकर नई बात सुनने को मिल रही है. जिससे आपको पता चल जायेगा कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में मिलने वाले खाने को लेकर कितना गंभीर है, दरअसल रेलवे द्वारा खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कुछ नियम बनाए गए है. लेकिन अब नई बात यह सामने आई है कि रेलवे के ये नियम कैटरर ही मानने को तैयार नहीं है.    

रेलवे द्वारा कुछ दिन पहले ही पैक्ड फूड को लेकर नए नियम बनाए गए थे, जिनके अनुसार कैटरर को अब पैकेट पर सप्लाय का नाम बताना अनिवार्य है. लेकिन अभी तक इस नियम को कोई भी मानने को तैयार नहीं है और कैटरर पुराने तरीके से ही अपना काम चला रहे है. कैटरर द्वारा नियम ना मानने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. 

क्योंकि नए आदेश में कीमतों के बारे में कोई जिक्र नहीं होने से कैटरर यात्रियों से मनमाने पैसे वसूल कर रहे हैं. कुछ समय पहले यात्रियों के द्वारा शिकायतें मिलने के बाद 19 सितंबर को रेलवे बोर्ड ने पैक्ड फूड को लेकर नए नियम जारी कर दिए है. जिसके मुताबिक अब सप्लाय का नाम, पैकेजिंग की तारीख, वजन और वेज-नॉन वेज का चिन्ह अनिवार्य हो गया है. यह नियम रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेन में मिलने वाले खाने पर लागू किया गया हैं.    

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