कैमल फेस्टिवल में बिखरा राजस्थानी छटा का रंग

Jan 09 2016 10:57 AM
कैमल फेस्टिवल में बिखरा राजस्थानी छटा का रंग

बीकानेर : राजस्थान में इन दिनों पर्यटक बेहद विशेष आयोजन का आनंद लेने में लगे हैं। बीकानेर में दो दिवसीय कैमल फेस्टिवल का आयोजन किया गया है। 9 जनवरी से 10 जनवरी के मध्य कैमल फेस्टिवल का आयोजन किया जाना है। यह फेस्टिवल 9 जनवरी से 10 जनवरी तक मनाया जा रहा है। इस उत्सव का आयोजन राजस्थानी संस्कृति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। उत्सव के तहत विविध आयोजन किए जा रहे हैं। कैमल डांस को देखने और राजस्थान की संस्कृति का आनंद लेने के लिए बड़े पैमाने पर पर्यटक यहां पहुंचे हैं।

ऊंट मालिकों ने अपने ऊंटों को बड़े ही अच्छे तरीके से सज़ा - संवारकर मेले में भागीदारी की है। इन ऊंटों को विशेषतौर पर प्रशिक्षण दिया गया है। उल्लेखनीय है कि ऊंट राजस्थान का राज्य पशु है। इन ऊंटों को गंगा रिसला कहा जाता है। गौरतलब है कि भारतीय थल सेना में एक ऐसी टुकड़ी भी है जो ऊंट के साथ ही सीमा की सुरक्षा का कार्य भी करती है।

बीकानेर में इन ऊंटों को विशेषतौर पर पाला जाता है और इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाता है। पर्यटकों की भीड़ जूनागढ़ के किले में भी देखने को मिल रही है। यहां पर लोग ऊंट की सवारी का आनंद ले रहे हैं। यही नहीं करणी माता के मंदिर में भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। पर्यटकों को यहां की कढ़ाई वाली लेदर जूती और रांगी चुनरी, काॅटन के कपड़े और चूडि़यां भी पसंद आ रही हैं।