टीआई पर हमला करने वाले आरोपियों को शरण देने वालों के घरों पर चला बुलडोजर।

मंदसौर से संदीप गुप्ता की रिपोर्ट
 
मन्दसौर। मध्यप्रदेश स्थित मंदसौर के दलौदा में बीते 27 जून को हुई लूट के मामले में रविवार रात दबिश देने पहुंचे मंदसौर  शहर कोतवाली टीआई अमित सोनी पर हुए जानलेवा हमले के मास्टर माइंड और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। राजस्थान के रहने वाले इन आरोपियों को शरण देने वालो के यहां भी कार्रवाई शुरू हो गई है। सोमवार अलसुबह ही प्रशासन और पुलिस ने आरोपियों को शरण देने वालो के अवैध निर्माण को गिराना शुरू कर दिया। मंदसौर जिले के ग्राम संजीत और बरखेड़ा गंगासा में 'मामा का बुलडोजर' अवैध निर्माणों को तोड़ रहा है।बता दे कि  ग्राम बरखेड़ा गंगासा में ही टीआई पर हमला हुआ था। जिसके बाद उन्हें इंदौर रेफर किया गया था।
 
गिरफ्त में राजस्थान के तीन आरोपी।
 
टीआई पर हमले के बाद से ही 100 पुलिसकर्मी आरोपियों की तलाश में जुट गए थे। एक के बाद एक लूट और हमला करने वाले तीनो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसमें राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले दो और राजस्थान के निंबाहेड़ा का रहने वाला एक आरोपी गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि लूट की घटना का मास्टर माइंड निंबाहेड़ा वाला आरोपी सनवर इन दिनों मंदसौर जिले के संजीत में रिश्तेदार के यहां रह रहा था। उसी ने उदयपुर से हिस्ट्रीशीटर छोटा मेवाती और सुहान को बुलाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। बाद में इसी आरोपी ने टीआई के पेट में चाकू भी मारा। 
 
कन्हैया के हत्यारों से कनेक्शन की जांच।
 
आरोपी सरफराज उर्फ छोटा मेवाती उदयपुर का हिस्ट्रीशीटर बदमाश भी है। यह उदयपुर की कुंजड़ा गैंग का सदस्य भी है। इस आरोपी पर मात्र 22 वर्ष की उम्र में बलात्कार, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट और अपहरण के 10 मामले दर्ज हैं। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने दो पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, एक धारदार चाकू और एक मोटर साइकल जब्त की है। मंदसौर एसपी ने यह भी कहा कि पुलिस जांच कर रही है कि कहीं इन आरोपियों का उदयपुर में हुई कन्हैयालाल की हत्या के आरोपियों से कोई तो नहीं है।  
 
 
यह था पूरा मामला।
 
मंदसौर एसपी अनुराग सुजानिया के अनुसार 27 जून को मंदसौर के दलौदा में एक व्यापारी से लूट की वारदात हुई थी। उसी घटना से जुड़े हुए अपराधियों के जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा गंगासा गांव में छुपे होने की सूचना मिली थी। जिस पर टीआई गरोठ और टीआई शहर कोतवाली की संयुक्त टीम बनाकर भेजी गई थी। वह टीम सर्चिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध अपराधी को शहर कोतवाली टीआई ने गिरफ्त में ले लिया। गिरफ्त में आए संदिग्ध ने शोर मचाना शुरू किया तो पीछे से आए उसके कुछ साथियों ने टीआई को चाकू मार दिया, इस हमले में टीआई घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें मंदसौर लाया गया। जहां उनका शुरुआती इलाज कर उन्हे इंदौर रेफर किया गया था।
 
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