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बढ़ रहा है ग्रामीणों पर कर्ज का साया, बजट से है उम्मीदें

बढ़ रहा है ग्रामीणों पर कर्ज का साया, बजट से है उम्मीदें

नई दिल्ली : 29 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के द्वारा आम बजट पेश किया जाना है. इसके तहत ही यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जेटली इस बजट में ग्रामीण इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठा सकते है. गौरतलब है कि यदि देखा जाए तो आज देश का हर तीसरा व्यक्ति जो गांव में रहता है वह कर्ज में डूबा हुआ है.

इस मामले में एक रिपोर्ट के अनुसार सामने आई जानकारी से यह पता चला है कि कर्ज के मामले में आंध्र प्रदेश के ग्रामीण सबसे आगे है. जबकि साथ ही कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि राज्य भी कर्ज की मार से जूझ रहे है. ऐसे में यह कहा जा रहा है कि सभी ग्रामीण अरुण जेटली और बजट से काफी उम्मीदें लगे बैठे है.

बता दे कि इस ग्रामीणों कि स्थिति को ध्यान में रखते हुए नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन के द्वारा "भारत में कर्ज और निवेश" की एक रिपोर्ट पेश की गई है. बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश में जहाँ 54 फीसदी का आंकड़ा बना हुआ है तो वहीँ वहीं शहरी इलाकों में केरल कर्ज को लेकर स्थान एक पर बना हुआ है. बता दे कि केरल में 47 फीसदी परिवार ऐसे है जो कर्ज में दुबे हुए है.