पुरातत्व स्थलों पर पड़ेगी नजर, 2500 करोड़ रुपये पर्यटन क्षेत्र में आवंटित करने का विचार

पर्यटन रोजगार सृजन का बड़ा क्षेत्र है। ऐसे में जब सरकार ने रोजगार के लिए सोचा तो बजट में पर्यटन का जिक्र हुआ। देश के पांच राज्यों में स्थानिक संग्रहालय वाले प्रतिमान स्थलों के रूप में पांच पुरातत्व स्थलों के विकास की घोषणा की गई है। इनमें 5 प्रमुख पर्यटन स्थलों के आस-पास भवन बुनियादी ढांचे का विकास भी मौजूद है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे पुराने कोलकाता के भारतीय संग्रहालय के पुनरुद्धार की घोषणा की थी इसके साथ ही ऐतिहासिक पुराने टकसाल भवन में मुद्रा-विषयक और व्यापार पर एक संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। 

शनिवार को आम बजट में पर्यटन क्षेत्र के लिए 2020-21 में 2500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया है।इसके अलावा संस्कृति मंत्रालय के लिए 3150 करोड़ रुपये के आवंटन का भी प्रस्ताव किया है। वही  संग्रहालय विज्ञान और पुरातत्व विज्ञान की विधाओं में अच्छी तरह प्रशिक्षित संसाधनों को विकसित करने के लिए पहला भारतीय धरोहर और संरक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। इस संस्थान का दर्जा मानद विश्वविद्यालय का होगा और यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन परिचालित हो सकता है ।

इन पुरातत्व स्थलों का होगा विकासराखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिवासागर (असम),धौलाविरा (गुजरात), अदिचनल्लूर (तमिलनाडू) का विकास होगा। देशभर के उन चुनिंदा पर्यटक स्थलों में जिस श्रेणी में लाल किला व ताजमहल आते हैं, अब ये पांचों भी शामिल होंगे।चार और संग्रहालयों का होगा नवीकरण-आम बजट में घोषणा की गई है कि देश के चार और संग्रहालयों का नवीकरण री-क्यूरेशन किया जा सकता है ताकि आगंतुकों को विश्वस्तरीय अनुभूति मिल सकता है । इसके अलावा मोदी सरकार झारखंड के रांची में जनजातीय संग्रहालय की स्थापना का समर्थन करेगी। देश साल 2014 में यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पर्धी सूचकांक (विश्व आर्थिक मंच) में 65वां स्थान था जो 2019 में 34वें पायदान पर पहुंच गया है।

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