अखिलेश ने पढ़ा शेर तो विपक्ष ने बताया अखिलेश को बिन तलवार का टीपू सुल्तान

अखिलेश ने पढ़ा शेर तो विपक्ष ने बताया अखिलेश को बिन तलवार का टीपू सुल्तान

लखनऊ : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बिना तलवार का टीपू सुल्तान कह दिया गया। इस तरह की टिप्पणी से विवाद बढ़ गया। जहां सत्तापक्ष मुख्यमंत्री पर लगाए गए इस तरह के आरोपों की निंदा करता रहा तो वहीं बहुजन समाजवादी पार्टी के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी बात पर कायम रहे। बजट सत्र में बीएसपी नेताओं ने उनकी निंदा करते हुए कहा कि सीएम अखिलेश टीपू सुल्तान तो बन गए लेकिन तलवार वे रामपुर वालों के हाथ में थमाकर चले गए।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने अभिभाषण में एक शेर सुनाया। जिसे लेकर बीएसपी नेता मौर्य ने चुटकियां लीं। सीएम अखिलेश ने इस मामले में शेर सुनाया कि जबसे पतवारों ने मेरी नाव को धोखा दिया मैं भंवर में तैरने का हौसला रखने लगा। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हमने पहले ही इस बात को लेकर उन्हें चेताया था। मगर अब तो बहुत देर हो गई। अब भंवर में तैरने का हौसला भी शायद काम नहीं आएगा।

उल्लेखनीय है कि अखिलेश को टीपू सुल्तान कहे जाने के पीछे कारण है कि अखिलेश को घर में टीपू कहा जाता है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने विधानसभा चुनाव में जारी सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में कई वायदे किए इन वायदों का उल्लेख करते हुए अखिलेश सरकार के नारे पूरे हुए सारे वादे को खंडित करते हुए यह भी कहा कि सपा सरकार ने बेरोजगारी भत्ता देने के वायदे को डस्टबीन में फैंक दिया। दूसरी ओर विद्यार्थियों को लुभाने के लिए उन्हें लैपटाॅप देने की बात भी कही गई।