रेखा आर्य ने की कांग्रेस से बगावत, हाथ को मिला हाथी का साथ

देहरादून : उत्तराखंड में राजनीतिक गतिरोध मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार के बहुमत परीक्षण से ऐन पहले बढ़ गया है। दरअसल कांग्रेस से एक और विधायक रेखा आर्य ने बगावत कर दी है। रेखा विरोध करते हुए भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष से मिली हैं। हालांकि अभी भी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का पलड़ा भारी नज़र आ रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य विधानसभा में आज शक्ति परीक्षण होना है। जिसमें विधायकों द्वारा वोटिंग की जाएगी। इसके पहले कांग्रेस को एक झटका लगा है।

जिसमें कहा गया है कि विधायक रेखा आर्य ने कांग्रेस से अलग होने का निर्णय लिया है। उनके ही साथ अन्य विधायक भी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का विरोध कर सकते हैं। कांग्रेस नेताओं द्वारा इस बात का खंडन किया गया है। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने दो विधायकों के साथ कांग्रेस को समर्थन देने की बात कही है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा है कि भगवान श्री केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रनाथ सभी हमारे साथ हैं। जनता हमारे साथ है। सभी एकजुट हैं। हमारे द्वारा सभी का सहयोग किया जाएगा। कांग्रेस का बहुमत परीक्षण में सफल होना ही उत्तराखंड की जीत होगी। उल्लेखनीय है कि 61 सदस्यों वाली विधानसभा में मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुमत साबित करने के लिए 31 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

इसके लिए कांग्रेस के विधायकों के ही साथ बसपा के 2 और उत्तराखंड क्रांति दल के 2 व निर्दलीय विधायकों के तौर पर 2 विधायक उन्हें समर्थन दे रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि वे बहुमत साबित कर लेंगे लेकिन भाजपा उनके खेमे में सेंध लगाकर कांग्रेस के विधायकों को बागी बना रही है। माना जा रहा है कि अभी कुछ और विधायक पार्टी से अलग हो सकते हैं। मगर हरीश रावत दुबारा मुख्यमंत्री बन पाते हैं या नहीं यह बहुमत परीक्षण के बाद ही तय होगा। 

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