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आतंकी संगठन IS की हैवानियत: महिला के प्राइवेट पार्ट कों धातु से सिल देते है

आतंकी संगठन IS की हैवानियत: महिला के प्राइवेट पार्ट कों धातु से सिल देते है

लंदन: आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने इराक के शहर मोसुल में महिलाओ के लिए एक नया फरमान जारी किया है. जिसमे किसी भी महिला कों अकेला घर से बाहर जाने की इज़ाज़त नहीं होगी. साथ ही अगर किसी भी महिला का कोई अंग बुर्के से बाहर नज़र आया तो उसे इतनी भयानक सजा दी जाएगी, जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते. अगर कोई महिला इस फरमान कों नहीं मानती है तो उसे ऐसी सजा दी जाएगी जिसने हेवानियत की सारी हदे पार कर दी है. 

किसी महिला कों दोषी पाये जाने पर उसके प्राइवेट अंग कों ‘फ्लिकर’ नामक धातु से सिल दिया जायेगा. आपको बता दे कि हमारा शरीर 45 डेसिबल तक दर्द सहन करने में सक्षम है. एक महिला प्रस्तुति के दौरान 54 डेसिबल तक का दर्द सहन करती है. और आईएस की इस हैवानियत मे पीड़ित महिला को इससे कही ज्यादा दर्द सहन करना पड़ता है. आप और हम केवल उस दर्द का अंदाज़ा ही लगा सकते है.
   
मामले का पता तब चला जब 22 वर्षीय फातिमा ने उस नर्क से निकल कर पूरी दास्ताँ सुनाई. फातिमा ने बताया कि, “वहाँ रहना बहुत मुश्किल है. वह जगह किसी जहुनुम से कम नहीं है. लोगो कों वह मुलभुत सुविधाए भी नहीं मिल पा रही है. उस पर आतंकी संगठन आईएस की यह हेवानियत. महिलाओ को घर से बहार निकलते वक्त अपने पूरे शरीर कों ढकना होता है. कोई भी अंग बहार नहीं दिख सकता. यही नहीं कोई महिला बिना किसी पुरुष के अपने घर से बाहर भी नहीं निकल सकती.”

फातिमा की बहन भी इस हैवानियत कि शिकार हो चुकी है. उसका कसूर केवल इतना था की उसने हाथ में दस्ताने नहीं पहने थे. फातिमा से अपनी आँखों के सामने अपने बहन के साथ इस हैवानियत कों होते देखा है. इसके बाद वो काफी मुश्किलों से वहां से निकल पायी थी.