सांस की बीमारी में लाभकारी है धतूरा

सांस की बीमारी में लाभकारी है धतूरा

औषधि गुणों की खान माने जाने वाले धतूरा की जड़, फल, फूल, पत्ते भी औषधि गुणों से युक्त होते हैं. पैर में सूजन हो जाने पर इसके पत्ते को पीसकर लगाना काफी उपयुक्त माना जाता है. सांस के रोगों और जोड़ों के दर्द में भी यह लाभदायक होता है. आइए  धतूरे के औषधीय गुणों की जानकारी लेते हैं.

1-धतूरे का प्रयोग दर्द-निवारक के रूप में भी होता है. इसकी पत्तियों, फूलों व बीजों को पीसकर बनाए गए पेस्ट का लेप बनाकर दर्द वाले स्थान करने पर लगाने से राहत मिलती है. 

2-इसके पेस्ट को सरसों या तिल के तेल में पकाकर धतूरे का तेल बनाया जाता है, जो एक अच्छा दर्द-निवारक है. इसके अलावा यह कान दर्द में भी तुरंत लाभ मिलता है. दर्द होने पर सरसों का तेल 250 मिली, 60 मिलीग्राम गंधक और 500 ग्राम धतूरे के पत्तों का स्वरस, इन सभी को एक साथ धीमी आंच पर पकाएं. जब तेल बचा रहे तब उसे इक्कठा कर कान में एक या दो बूँद टपका दें.

3-नेत्र रोगों और श्वसन तंत्र व सांस संबंधी रोगों में यह बेहद लाभकारी है. फेफड़े, छाती आदि में कफ जमा होने पर यह रामबाण की तरह काम करता है. 

4-इसका प्रयोग रक्त संचार सुचारू बनाए रखने के लिए भी किया जाता है. 

5-धतूरा हृदय की गतिविधियों को नियंत्रित रखता है. 

6-यह मासिक धर्म संबंधी गड़बडियों को ठीक करता है. प्रतिरक्षा प्रणाली के बढ़ने से मौसम में परिवर्तन का शरीर पर बुरा असर नहीं होता.

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