मस्तिष्क रेखा व्यक्तित्व का आईना होती है

आम तौर पर किसी व्यक्ति को देखकर उसके चरित्र का पता नहीं चलता , लेकिन संबंधित व्यक्ति की हथेली में छुपी मस्तिष्क रेखा से उसके चरित्रऔर व्यक्तित्व का पता चल जाता है. दरअसल मस्तिष्क रेखा हथेली की महत्वपूर्ण रेखा होती है ,जो व्यक्ति के चरित्र, बुद्धिमत्ता और विचारधारा को प्रकट करती है. मस्तिष्क रेखा का उदय गुरु और जीवन रेखा के बीच कहीं से भी हो सकता है.इस रेखा से व्यक्ति की मेधा ,चिंतन और उसके आदर्श का पता चल जाता है. मस्तिष्क रेखा व्यक्ति की विचारधारा और रूचि भी पता चल जाती है. इन्हीं विशेषताओं के कारण मस्तिष्क रेखा को व्यक्ति के चरित्र का आईना कहा जाता है. आइये जानते हैं इस मस्तिष्क रेखा के बारे में .

जब मस्तिष्क रेखा जीवन रेखा से निकलकर विचित्र बिन्दु पर अलग होकर स्वतंत्र चलने लगती है, तो वह बिन्दु मनुष्य की मानसिकता का प्रभावी बिन्दु होता है.जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा द्वारा बनने वाला कोण जितना बड़ा होगा वह व्यक्ति उतना ही स्वतंत्र और संवेदनशील होगा.ऐसे व्यक्ति छोटी -छोटी बातों से प्रभावित हो जाते हैं.जीवन रेखा से स्वतंत्र आरम्भ होने वाली मस्तिष्क रेखा स्वतंत्रता का परिचायक होती है.ऐसे व्यक्ति कुशाग्र बुद्धि, स्पष्ट चिंतक , व्यवहारिक और आदर्श होते हैं.जबकि मंगल से आरम्भ होने वाली मस्तिष्क रेखा अस्थायी और परिवर्तनशीलता की प्रवृत्ति बतलाती है.ऐसे व्यक्ति क्रोधी और झगड़ालू होते हैं.

उल्लेखनीय है कि सीधी और स्पष्ट मार्ग वाली मस्तिष्क रेखा के स्वामी सतर्क, व्यवहारिक और सुलझे हुए और दूसरों से जल्द प्रभावित न होने वाले माने जाते हैं.इनके विचार प्रायः मौलिक होते है .इसलिए इनके मित्र भी कम रहते हैं. जबकि शनि की ओर झुकने वाली मस्तिष्क रेखा व्यक्ति की कला को प्रकट करती है .इससे उस व्यक्ति की धर्म और संगीत कला के प्रति रुचि प्रकट होती है. इसीलिए हथेली की मस्तिष्क रेखा को व्यक्तित्व का आईना कहा गया है.

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