परिवार के सदस्यों ने ही दिया चोरी की वारदात को अंजाम, जानिए क्या है पूरा मामला

Mar 02 2021 09:25 AM
परिवार के सदस्यों ने ही दिया चोरी की वारदात को अंजाम, जानिए क्या है पूरा मामला

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के वैशाली नगर में थीफ ने एक घर के बेसमेंट तक पहुंचने के लिए 26 फीट लंबी और 10 फीट चौड़ी सुरंग का निर्माण कर डाला। इस सुरंग के द्वारा चोरों ने घर में प्रवेश किया और वहां से चांदी का बक्सा चुरा लिया। पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिए जा चुका है, जबकि इस चोरी का मास्टर माइंड पीड़ित परिवार का रिश्तेदार अभी पुलिस भी फरारी पर ही है। जंहा इस बात का पता चला है कि जयपुर के वैशाली नगर में रहने वाले डॉ। सुनीत सोनी के घर में सुरंग बनाकर चांदी के बॉक्स चोरी कर लिया गया। पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए बनवारी लाल, कालूराम, केदार जाट और रामकरण को हिरासत में लिया जा चुका है, लेकिन चांदी चोरी प्रकरण का मास्टरमाइंड शेखर अग्रवाल और उसका भांजा जतिन जैन अभी भी फरार है। केस का खुलासा करते हुए एडिशनल कमिश्नर अजय पाल लांबा ने कहा कि 24 फरवरी को वैशाली के रहने वाले डॉक्टर सुनील सोनी ने रिपोर्ट दाखिल करवाई थी कि उनके घर के बेसमेंट में अज्ञात चोरों ने 26 फीट लंबी और 10 फीट गहरी सुरंग खोदकर एक चांदी का बॉक्स लेकर भाग निकले।

बॉक्स में चांदी की तकरीबन 18 सिल्लियां थीं। हालांकि जिसका मूल्य कितना है इसका जवाब ना तो डॉक्टर दे पाए और न ही पुलिस। अब तक की जांच में सामने आया कि शेखर अग्रवाल, डॉ। सुनीत सोनी का बेहद करीबी था और आरोपी शेखर अग्रवाल ने ही अपने भांजे जतिन जैन के साथ इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जंहा इस बात का पता चला है कि शेखर अग्रवाल डॉ। सुनील सोनी को सोना चांदी सप्लाई करने का कार्य करता था। शेखर अग्रवाल को अच्छे से पता था कि डॉक्टर ने बेसमेंट में किस स्थान चांदी के बॉक्स गाढ़े हैं, इसीलिए आरोपी शेखर अग्रवाल ने कोठी के पीछे खाली प्लाट को 97 लाख में खरीदा और 3 महीने तक सुरंग खोदकर वारदात को अंजाम भी दिया जा चुका है। ऐसा बताया जा रहा है कि बेसमेंट में चांदी के कुछ और भी बॉक्स भी थे, जिसे चोरी करने में आरोपी नाकामयाब हो गए। वहीं पुलिस ने जिन चार आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है उनमें से बनवारी के नाम पर आरोपी शेखर ने 97 लाख का प्लॉट खरीदा था। वहीं अन्य 3 आरोपियों ने सुरंग खोदने में  सहायता की थी।

जंहा यह भी कहा जा रहा है कि मास्टरमाइंड जतिन जैन पहले बैंकाक में गोल्ड तस्करी के केस में गिरफ्तार हो चुका है। मिली जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शेखर अग्रवाल ने अपने कर्जदारों को यह चांदी बांट दी, क्योंकि पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि आरोपी शेखर अग्रवाल पर करोड़ों रुपये का कर्जा था, इसी कर्जे को उतारने के लिए उसने इस वारदात की रूपरेखा को बनाया गया था।

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