बॉम्बे हाईकोर्ट से अर्नब गोस्वामी को बड़ी राहत, FIR पर लगाई रोक

Jun 30 2020 02:41 PM
बॉम्बे हाईकोर्ट से अर्नब गोस्वामी को बड़ी राहत, FIR पर लगाई रोक

मुंबई: बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मंगलवार को रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को बड़ी राह्त देते हुए उनके खिलाफ पालघर मॉब लिंचिंग मुद्दे पर कथित साम्प्रदायिकता फैलाने के आरोप में और मुंबई के बांद्रा रेलवे में प्रवासी श्रमिकों के जमा होने को लेकर मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज दो एफआईआर पर रोक लगा दी है।

जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस रियाज चागला की खंडपीठ ने कहा कि "उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मुकदमा नहीं बनता।" बेंच ने आदेश दिया कि अर्नब के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। बेंच ने 12 जून को याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रखा था। गोस्वामी की तरफ से पेश वरिष्ठ हरीश साल्वे और मिलिंद साठे ने पक्ष रखा था कि एफआईआर राजनीति से प्रेरित थी और महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने के परिणाम स्वरूप दर्ज की गई थी। महाराष्ट्र राज्य की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रेस की आज़ादी में सांप्रदायिक प्रचार करने का अधिकार शामिल नहीं है।

बता दें कि अर्णब गोस्वामी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 153 ए, 153 बी, 295 ए, 298, 500, 504, 505 (2), 506, 120 बी और 117 के तहत केस दर्ज किया गया। साल्वे ने धारा 153 बी के जरिए प्रतिवाद किया और प्रस्तुत किया कि उपरोक्त धारा के तहत कोई अपराध नहीं किया गया है।  इससे पहले शीर्ष अदालत ने अर्नब गोस्वामी द्वारा कथित सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को ट्रांसफर करने की याचिका को खारिज कर दिया था।

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