सेक्स के दौरान नहीं है ब्लीडिंग ज़रूरी

सेक्स के दौरान नहीं है ब्लीडिंग ज़रूरी

शारीरिक संबंध बनाते समय सभी के मन में एक ही सवाल होता है कि साथी वर्जिन है या नहीं. ऐसे में कई बार लड़के ये अपने पार्टनर से उम्मीद करते हैं कि वो वर्जिन हों, ऐसे में चाहे खुद भले ही कितनी भी लड़कियों के साथ सेक्स कर चुके हो. लड़के ये मान लेते हैं अगर लड़की को ब्लीडिंग नहीं हुई तो लड़की वर्जिन नहीं है, लेकीन साइंस इस बात को नहीं मानता बल्कि इसके कई कारण भी बताये गए हैं जिन्हें आप नहीं जानते होंगे.

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लोग आज भी यही मानते हैं कि पहली बार सेक्स करने में लड़की को ब्लीडिंग होनी चाहिए तभी माना जाता है वो कुंवारी है. तो आपको बता दें, सेक्सोलाजिस्ट के अनुसार पहली बार सेक्स के दौरान ब्लीडिंग का होना कोई जरूरी नहीं है. इस बात पर आप किसी भी लड़कीकी विर्जिनिटी का पता नहीं कर सकते बल्कि ये पूरी तरह से गलत होता है. अगर आप आज के ज़माने में जी रहे हैं तो इस भ्रम को अपने दिमाग से निकल दें कि लड़की को ब्लीडिंग होना जरुरी है. महिलाओं के वेजाइना के उपरी हिस्से में एक पतली सी टिशु की परत होती है जिसे हाइमन कहते हैं. सेक्स के कारण जब ज़ोर पड़ता है तो उससे ये टूट जाती है जिसके कारण ब्लीडिंग होती है.

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इतना ही नहीं, हाइमन की पार्ट इतनी पतली होती है कि किसी भी वजह से टूट सकती है, सेक्स ही जरुरी नहीं है. लड़कियां हर काम में आगे हैं चाहे वो स्पोर्ट्स हो या साइकिलिंग करना या फिर घुड़सवारी करना. इससे बही हाइमन टूट जाती है. सेक्स से ही हाइमन फटेगी ये जरुरी नहीं है.

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