येदियुरप्पा-सिद्धारमैया की नजदीकियों ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन, क्या पाला बदलेंगे 'येदि' ?

बैंगलोर: कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम सिद्धारमैया और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा की नजदीकियों ने भाजपा की चिंता को बढ़ा दिया है। दरअसल, कांग्रेस नेता सिद्धारमैया अगले महीने तीन तारीख को 75 वर्ष के होने वाले हैं। इस अवसर पर दावणगेरे जिले में समर्थक ‘सिद्धारमैया उत्सव’ करने जा रहे हैं, जिसमें कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा भी शामिल होंगे।

दरअसल, 2021 में CM पद से हटने के बाद से येदियुरप्पा पार्टी के शीर्ष नेताओं से नाराज़ हैं। वे चाहते थे कि कोई गैर-लिंगायत नेता उनका उत्तराधिकारी बने, ताकि लिंगायत वोटबैंक उनके साथ बना रहे। पार्टी ने लिंगायत समुदाय से आने वाले बसवराज बोम्मई को मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। येदियुरप्पा चाहते थे कि उनके बेटे बीवाई विजयेंद्र को उपमुख्यमंत्री बनाया जाए। भाजपा हाईकमान ने विजयेंद्र को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 2023 के चुनाव लड़ाने के संकेत दिए। येदियुरप्पा की ताकत का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब 2013 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी, तब भाजपा 40 सीटों पर ही सिमट गई थी।

बता दें कि दो महीने पहले ही कर्नाटक कांग्रेस की सेकेंड लीडरशिप ने सिद्धारमैया और कर्नाटक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार में सुलह करवा दी थी। मगर, अब फिर दोनों नेताओं में वर्चस्व की जंग के संकेत नज़र आ रहे हैं। सिद्धारमैया जहां ‘सिद्धारमैया उत्सव’ करने जा रहे हैं, वहीं, शिवकुमार ने 15 अगस्त से तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा कर दी है। इसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने की बात कही है। 12 दिन के अंतराल में होने वाले दोनों कार्यक्रमों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निमंत्रण भेजा है।

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