METOO मामले में फंस चुके हैं पंजाब के नए मुख्यमंत्री, BJP ने लगाए आरोप

चंडीगढ़: पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बन चुके हैं। आज उन्होंने शपथ लेकर पंजाब की कमान अपने हाथ में ले ली है। हालाँकि इस बीच उनसे जुड़े कुछ किस्से चर्चाओं में आ गए हैं। जी दरअसल हाल ही में भाजपा ने चरणजीत सिंह चन्नी को कांग्रेस द्वारा पंजाब का मुख्यमंत्री चुनने पर उन खबरों को हवाला देते हुए निशाना साधा है, जिनमें उन पर वर्ष 2018 में एक आईएएस अधिकारी को अनुचित संदेश भेजने का आरोप लगा था। हाल ही में भाजपा नेता और पार्टी के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने बताया है कि, 'कांग्रेस ने चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना, जिन्होंने तीन साल पुराने ‘मीटू’ मामले में कार्रवाई का सामना किया था। उन्होंने कथित तौर पर वर्ष 2018 में एक महिला आईएएस अधिकारी को अनुचित संदेश भेजा था। उस मामले को दबा दिया गया था, लेकिन पंजाब महिला आयोग द्वारा नोटिस भेजने के बाद दोबारा सामने आया। बहुत बढ़िया, राहुल।'

आप सभी को बता दें कि यह मामला इस साल मई में उस समय दोबारा सामने आया था जब पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष ने धमकी दी थी कि अगर एक हफ्ते के अंदर राज्य सरकार चन्नी द्वारा ‘अनुचित संदेश’ भेजने के मामले पर अपना रुख साफ नहीं करती है तो वह अनशन पर चली जाएंगी। उस दौरान चन्नी अमरिंदर सरकार में मंत्री थे। वहीं उस समय पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने कहा था कि उन्होंने सरकार की कार्रवाई रिपोर्ट के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।

अब अमित मालवीय ने इस साल मई में प्रकाशित खबर को ही साझा किया है जो आप देख सकते हैं। इस खबर में कहा गया है कि 'निवर्तमान मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर पार्टी के भीतर मौजूद उनके विरोधियों ने उनपर पुराने मामलों को लेकर परेशान करने का आरोप लगाया था। वर्ष 2018 के आरोपों के बाद पंजाब महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान नेते हुए सरकार से मामले पर उसका रुख पूछा था।' आप सभी को बता दें कि उस समय पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चन्नी को महिला अधिकारी से माफी मांगने को कहा था। जी दरअसल उन्होंने कहा था कि 'उनका मानना है कि इस मामले का समाधान महिला अधिकारी के संतुष्ट होने के साथ हो गया है।'

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