नीतीश कुमार का एक प्रहार, विपक्ष में मचा हाहाकार

Jul 27 2017 09:58 AM
नीतीश कुमार  का एक प्रहार, विपक्ष  में मचा हाहाकार

नई दिल्ली : बिहार में नीतीश कुमार द्वारा दिए गए इस्तीफे के एक प्रहार से विपक्ष में हाहाकार मच गया है .नीतीश के फैसले से सिर्फ लालू ही नहीं राहुल भी हतप्रभ हैं. नीतीश के एक वार ने विपक्ष के मिशन 2019 के सपने को चकनाचूर कर दिया है. इसीलिए पूरा विपक्ष नीतीश के इस फैसले की आलोचना कर रहा है. इससे महागठबंधन में शामिल दलों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा इस पर एक नजर डालते है.

बता दें कि नीतीश के इस्तीफे के फैसले से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ज्यादा हैरान है, क्योंकि राहुल गांधी उन पर बड़ा भरोसा करते थे. मोदी की भाजपा के खिलाफ 2019 की तैयारी में वह विपक्ष की तरफ से नीतीश को प्रमुख भूमिका में रखना चाहते थे. शनिवार की आखिरी मुलाकात में सांप्रदायिक शक्तियों के उभरने और दलित-अल्पसंख्यक पर हमले और सामाजिक संगठनों-मीडिया की आवाज दबाने जैसे मुद्दों पर बात भी हुई थी. इसके लिए नीतीश ने हर संभव मदद देने की भी बात कही थी. लेकिन हुआ इसका उलट. नीतीश एनडीए में चले गए ..

उल्लेखनीय है कि नीतीश के इस्तीफे से मोदी के खिलाफ महागठबंधन खड़ा करने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है.अब विपक्ष की एकता को एक सूत्र में बांधकर रखना मुश्किल होगा क्योंकि दर्जन भर से ज्यादा दलों वाले विपक्ष के पास नीतीश राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वीकार्य चेहरा थे.महागठंबधन टूटने के का असर सबसे ज्यादा लालू और उनके परिवार पर पड़ा है. सत्ता से बेदखल लालू परिवार के पीछे भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्ति के मामले में जांच एजेंसियां पहले ही पीछे पड़ी हुई है.ऐसे में बिहार में नई सरकार बनने के बाद आरजेडी विधायकों के टूटने का भी डर है.

सच तो यह है कि बिहार में नीतीश के इस्तीफे से कांग्रेस को भी नुकसान हुआ है. कांग्रेस बिहार में गठबंधन का हिस्सा थी. नीतीश के राहुल गांधी और सोनिया गांधी के संबंध ठीक थे. हालांकि कांग्रेस के लिए नीतीश की तुलना लालू ज्यादा भरोसेमंद थे शायद इसीलिए कांग्रेस लालू के खिलाफ नहीं जा पाई. नीतीश के राजग प्रवेश से कांग्रेस की नरेंद्र मोदी के खिलाफ घेराबंदी की कोशिशें कमजोर हुई है.तेजस्वी के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना स्पष्ट मत नहीं रखा. नीतीश - लालू के चूहे -बिल्ली के इस खेल में कांग्रेस मूक दर्शक बनी रही और उसके हाथ से बिहार में सत्ता की साझेदारी से भी हाथ धोना पड़ा.

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