भाजपा ने बदली चुनावी रणनीति, पूर्व महापौर देंगे 20 साल का रिकॉर्ड

इंदौर: (आकाशदीप की रिपोर्ट)-  प्रदेश में इन दिनों पंचायत एवं निकाय चुनाव चल रहे हैं जिसको देखते हुए कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ही पार्टियां अपना पुरा दम दिखा रही हैं। भाजपा एवं कांग्रेस द्वारा अपने स्टार प्रचारकों के माध्यम से जनता के बीच पहुंचकर चुनाव प्रचार किया जा रहा है। पिछले दिनों प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इंदौर पहुंचे थे जहां उन्होंने कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी संजय शुक्ला के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित किया था और ब्रिलियंट कान्वेंट सेंटर में मीडिया से चर्चा करने पर उन्होंने विकास की कई बातें कही थी। उसी ब्रिलिएंट कन्वेंट सेंटर में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान इंदौर पहुंचे और इंदौर से भाजपा के महापौर प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव के समर्थन में पार्टी के नेताओं द्वारा पिछले कई सालों का रिकॉर्ड जनता के बीच पहुंचाने को कहा ताकि महापौर के साथ-साथ परिषद भी जीती जा सके।

इंदौर का विकास इतना आसानी से नहीं हुआ, इसके लिए भाजपा को 20-22 साल तक संघर्ष करना पड़ा और अभी भी मुकाम पर पहुंचना बाकी है। वह मुकाम कैसे हासिल किया जाएगा इसके लिए भाजपा नगरीय निकाय चुनाव में चार पूर्व महापौर के माध्यम से अपनी उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाने में लगी है। इसके तहत पूर्व महापौर डॉ. उमा शशि शर्मा ने बुधवार को अपने कार्यकाल की उपलब्धियों के साथ महिला सुरक्षा के मामले में इंदौर को देश में नं. 1 पर पहुंचाने की बात कही। इसी कड़ी में अब पूर्व महापौर कैलाश विजयवर्गीय, कृष्णमुरारी मोघे व मालिनी गौड अपने-अपने कार्यकाल की विकास गाथा लोगों तक पहुंचाएंगे।

दरअसल, इस बार नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पुष्यमित्र भार्गव की पहचान का जो मामला चल रहा है उसे लेकर पार्टी और मजबूती देने की कोशिश कर रही है। मंगलवार को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भार्गव की तारीफ करी, इसके साथ ही 20 साल में चार महापौर रहे कैलाश विजयवर्गीय, डॉ. उमा शशि शर्मा, कृष्णमुरारी मोघे व मालिनी गौड के कार्यकाल में हुए विकास का उल्लेख किया। विजयवर्गीय के कार्यकाल को लेकर कहा कि तब तो और भी मुश्किलें थी क्योंकि तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। हालांकि मुख्यमंत्री ने समयाभाव के कारण यह बात महज दो मिनिट में कही लेकिन इसके साथ ही पार्टी ने नया खाका तैयार किया। मुख्यमंत्री का जोर, महापौर और परिषद भाजपा जीते।

मुख्यमंत्री ने इस बार फिर जोर दिया है मेयर और परिषद भाजपा की ही बनना चाहिए क्योंकि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की ही सरकार है। ऐसे में अगर गड़बड़ी हुई तो इंदौर का विकास रुक जाएगा। इसके चलते पार्टी अगले 6 दिनों में इन उपलब्धियों तत्कालीन महापौर के माध्यम से रखेगी। साथ ही मुख्यमंत्री का रोड शो करने की तैयारी है। महापौर के चुनाव में चार पूर्व महापौरों पर नजरें टिकी।

कैलाश विजयवर्गीय : 1999 से पहले कांग्रेस के कार्यकाल में इंदौर कैसा था? इसके बाद भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रही तो उस दौरान भाजपा के तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय के कार्यकाल में प्रदेश सरकार से सहयोग नहीं मिलने पर जनभागीदारी से हुए कामों का ब्यौरा देंगे।

डॉ. उमा शशि शर्मा : कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बनने के बाद पार्टी ने डॉ. उमा शशि शर्मा को महापौर का टिकट दिया। वे 2004 से 2009 के बीच महापौर रहीं। डॉ. उमा शशि शर्मा के कार्यकाल में हुए विकास काम जिसमें टेम्पो के स्थान पर सिटी बस, नर्मदा का तीसरा चरण आदि। इस दौरान प्रदेश में भाजपा की सरकार काबिज हो गई थी और कैसे विकास की रफ्तार चली।

कृष्णमुरारी मोघे : 2009 से 2014 के तक तत्कालीन महापौर कृष्णमुरारी मोघे के कार्यकाल में हुए विकास कामों का जिक्र। हालांक पार्टी के अंदरुनी विरोध के कारण उन्हें साढ़े चार साल के कार्यकाल के बाद ही इस्तीफा देना पड़ा। मोघे के कार्यकाल में सिटी फॉरेस्ट, ड्रेनेज लाइन के काम ने रफ्तार पकड़ी।

मालिनी गौड़ : 2014 से 2022 के बीच तत्कालीन महापौर मालिनी गौड़ के कार्यकाल का जिक्र किया जाएगा। जिसमें स्वस्छता में पांच बार देश में नंबर बना शहर। इसके साथ ही वाटर पल्स, वैक्सीनेशन सहित कई मामलों में इंदौर ने बाजी मारी।

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