आतंकवाद और वार्ता दोनों एक साथ नहीं हो सकती है : सेना प्रमुख

Jan 10 2019 04:00 PM
आतंकवाद और वार्ता दोनों एक साथ नहीं हो सकती है : सेना प्रमुख

नई दिल्ली : सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि सेना ने चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर बेहतर तरीके से स्थिति को संभाला है और चिंता का कोई कारण नहीं होना चाहिए। यह बात रावत ने दिल्ली में आयोजित सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। 

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आतंकवाद और वार्ता साथ संभव नहीं 

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रावत ने कहा जम्मू-कश्मीर में सीमापार से करीब 300 आतंकी घुसपैठ के लिए बैठे हैं। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी है। उन्होंने पाकिस्तान को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि आतंकवाद और वार्ता दोनों एक साथ नहीं हो सकती है, इसलिए बंदूकों को छोड़ों और हिंसा बंद करो।उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर में शांति के लिए हम केवल समन्वयक हैं।’ जनरल रावत ने कहा, ‘हमने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर स्थिति बेहतर तरीके से संभाली है।’ उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं होनी चाहिए। 

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कश्मीर हिंसा पर भी बोले 

प्राप्त जानकारी अनुसार कश्मीर में हिंसा पर जनरल रावत ने कहा, 'भारतीय सेना जानबूझकर किसी नागरिक को लक्षित नहीं करती है, लेकिन हम जानते हैं कि उसी धरती पर उन्हीं लोगों के बीच कुछ आतंकी भी सक्रिय हैं, जो सीमा पार करने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी नागरिक और आतंकवादी को पहचानना बहुत मुश्किल हो जाता है।

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