जाति आधारित गोलबंदी से बाहर निकल चुकी है बिहार की सियासत - वशिष्ठ नारायण सिंह

जाति आधारित गोलबंदी से बाहर निकल चुकी है बिहार की सियासत - वशिष्ठ नारायण सिंह

पटना: जदयू की बिहार इकाई के अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद के रास्ते पर चलना चाहते हैं, किन्तु अब बिहार की आवाम 'जाति आधारित गोलबंदी से बाहर निकल कर 'विकास का रास्ता अपना चुकी है। मीडिया से  बातचीत के दौरान जदयू नेता ने कहा कि बिहार उस छाया से निकल चुका है जहां केवल जाति के आधार पर गोलबंदी होती थी। किन्तु तेजस्वी यादव आज भी अपने पिता के मार्ग पर ही चलना चाहते हैं।

सिंह ने कहा कि जातपात करने वाले ऐसे लोगों से राज्य के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज बिहार की आवाम विकास के रास्ते को अपना चुकी है, लोग सामाजिक रूप से जागरूक हो गए हैं और हर चीज पर सोच-समझकर फैसला लेते हैं। नीतीश कुमार के प्रति लोगों की नाराजगी के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि नाराजगी नहीं है। कोई काम करता है तब उसी से जनता को अपेक्षा रहती है, काम न करने वाले से कोई अपेक्षा नहीं रहती है। नीतीश कुमार से लोगों को काफी अपेक्षाएं हैं।

उन्होंने कहा कि समाज और सरकार में जब संबंध मजबूत हो जाता है, तब लोगों की सरकार से ऐसी ही अपेक्षाएं हो जाती हैं। सिंह ने राजद पर हमला बोलते हुए कहा कि वह वक़्त चला गया जब सरकार पोषित गुंडागर्दी होती थी, लूटपाट, अपहरण और फिरौती का काम होता था। तेजस्वी यादव की रैलियों में भारी भीड़ इकठ्ठा होने के बारे में पूछे जाने एक सवाल के जवाब में वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि भीड़ को वोट का पैमाना मानें तब नीतीश कुमार की रैली में भी कम भीड़ नहीं है। 

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