एक हत्या छुपाने के लिए युवक ने की नौ और हत्याएं

May 26 2020 02:00 PM
एक हत्या छुपाने के लिए युवक ने की नौ और हत्याएं

आजकल अपराध के जो मामले सामने आ रहे हैं वह सभी को हैरान कर रहे हैं. ऐसे में जो मामला हाल ही में सामने आया है वह राज्य के वरंगल जिले के गीसुकोंडा मंडल के गोर्रेकुंटा गांव का है. जहाँ एक कुएं से मिले नौ लोगों के शव इसी व्यक्ति की करतूत थी और इसी ने सभी को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर सभी को बेसुध कर दिया और बाद में सभी को कुएं में फेंक दिया था. वहीँ इस मामले में नौ लोगों के शव मिलने की गुत्थी सुलझाने के बाद वरंगल पुलिस आयुक्त रविन्द्र ने बीते सोमवार शाम को पत्रकारों के सामाने पूरी साजिश का खुलासा किया.

इस दौरान पुलिस ने बिहार के प्रवासी मजदूर संजय कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है और उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान संजय ने सभी की हत्या करना स्वीकार किया है. इस मामले में पूरी जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त ने बताया कि, ''इन नौ लोगों की हत्या के पीछे एक व्यक्ति संजय का ही हाथ है. इसी संजय ने एक महिला की हत्या छुपाने के लिये ही नौ लोगों की हत्या की थी.'' वहीँ इस घटना की पृष्ठभूमि में आयुक्त ने बताया कि संजय कुमार यादव मृतक मकसूद आलम की पत्नी निशा आलम (45) की बहन रफ़ीक़ा के साथ वरंगल में रहता था और सभी कारखाने में मज़दूर थे. वहीँ रफ़ीक़ा अपने पति से पांच साल पहले अलग हो चुकी और उसेके एक बेटी 15 साल की बेटी भी है. ऐसे में संजय रफीका को शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ रखता था और संजय रफीका की नाबालिग बेटी से भी छेड़छाड़ करता था. यह सब जानने के बाद रफीका ने संजय को पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी थी और तब संजय ने रफीका से पीछा छुड़ाने का बहाना ढूंढने लगा. उसके बाद संजय ने रफीका को शादी करने के बहाने अपने घर वालों से मिलवाने के बहाने पश्चिम बंगाल चलने के लिये राजी कर लिया. वहीँ बीते मार्च 8 को दोनों वारंगल से कोलकता के लिये गरीब रथ एक्सप्रेस से निकले. पुलिस ने आगे बताया संजय ने अपनी रणनीति के अनुसार रात में रफीका को चाय में नींद की गोली डालकर बेहोश कर दिया और चलती ट्रेन में उसकी चुनरी से उसका गला घोंट कर हत्या कर दी. वहीँ उसने उसकी हत्या के बाद शव को रात के अंधेरे में तडेपल्लीगुडम और राजमुंद्री रेलवे स्टेशन के बीच फेंक दिया. उसके बाद संजय राजमुंद्री रेल स्टेशन पर उतर गया और दो दिन के बाद वारंगल पहुंच गया.

वहीँ वारंगल में उसने मक़सूद के परिवार को बताया कि रफ़ीक़ा पश्चिम बंगाल में पहुंच गयी है और लॉकडाउन के बाद लौटकर आएगी. यह जानने के बाद मकसूद आलम की पत्नी निशा आलम ने पूछताछ की ताे पता चला कि रफ़ीक़ा पश्चिम बंगाल में नहीं पहुंची, इस पर निशा ने संजय को पुलिस में मामला दर्ज करवाने धमकी दी. उसके बाद संजय ने अपना भांडा फूटने के डर से इस परिवार को चुप करने का तरीका सोचने लगा. उसके बाद 20 मई को मकसूद के बेटे शाबाज आलम के बर्थडे पार्टी में उसे मौका मिल गया और संजय ने खाना में नशे कर गोलियां मिला दीं और सबके बेहोश होते ही सभी को जिन्दा रहते कुएं में फेंक दिया. इस मामले को पुलिस टीम ने 72 घंटे में सुलझा लिया.

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