जहरीली शराब से गई 10 लोगों की जान, सीएम नीतीश पर हमलावर हुआ विपक्ष

पटना: हाल ही में बिहार के नालंदा में जहरीली शराब से 10 व्यक्तियों की मौत हो गई जिसके पश्चात् अब सत्ताधारी दलों के बीच विवाद छिड़ गया है तथा इसी क्रम में NDA के सहयोगी तथा पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी युवा मोर्चा ने बिहार में शराबबंदी कानून ख़त्म करने की बड़ी मांग उठाई है. हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने बताया है कि नालंदा में जहरीली शराब कांड से यह साफ़ हो गया है कि बिहार में शराबबंदी कानून पूर्ण रूप से फेल हो चुका है तथा इस कानून को अब रद्द कर दिया जाना चाहिए.

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के सीनियर प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया कि जब केंद्र सरकार किसी कानून को वापस ले सकती है तो फिर बिहार में सीएम शराबबंदी कानून को वापस क्यों नहीं ले सकते? हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने बताया ''किसी भी कानून को वापस लेना प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं बनाना चाहिए. बिहार के सभी शहरों में आज शराबबंदी की वजह से जहरीली शराब प्राप्त हो रही है तथा निर्धनों की मौत हो रही है. यह सरकार के ऊपर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है.'' 

वहीं दूसरी ओर सरकार के एक और सहयोगी दल भाजपा ने भी नीतीश कुमार के ऊपर जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर निशान साधा है. भाजपा प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि बिहार में यदि शराबबंदी कानून फेल है तो उसके कारण अफसरों की फौज है जो इस कानून का पालन नहीं करवा रही है तथा इसका उपयोग धन उगाही के लिए कर रही है. भाजपा नेता अरविंद कुमार सिंह ने कहा- ''यदि सारे अफसरों की संपत्ति की तहकीकात हो तो शराब बंदी कानून समझ में आ जाएगा.''

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