शिक्षा मंत्री के ट्वीट से बढ़ा विवाद, जानिए क्या है मामला?

पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री के एक ट्वीट पर सियासत तेज हो गई है। उनके ट्वीट पर विपक्ष ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि यह विधानसभा उपचुनाव को प्रभावित करने का प्रयास है। विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री को भी उन्हीं की भाषा में तीखे प्रश्न पूछे हैं। ट्रोलिंग के पश्चात् आखिरकार शिक्षा मंत्री को अपना ट्वीट नष्ट करना पड़ा।

वही हुआ यूं कि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने ट्वीट कर बताया था कि 'राज्य निर्वाचन आयोग से मंजूरी प्राप्त होते ही छठे चरण की शिक्षक नियोजन प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया जाएगा। उम्मीदवार इन स्थितियों को संज्ञान में लें जिससे वे अनावश्यक किसी भ्रम का शिकार न हों।' शिक्षा मंत्री के इस ट्वीट के पश्चात् विपक्ष ने तीखा हमला बोला। राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने बताया कि सरकार ने पहले तो बोला था कि 15 अगस्त तक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा। उसके पश्चात् यह बताया गया कि अक्टूबर तक नियुक्ति प्रक्रिया आरम्भ कर दी जाएगी। 

वही अब सरकार बोल रही है कि निर्वाचन आयोग से मंजूरी ली जा रही है। चित्तरंजन गगन ने बताया कि विधानसभा उपचुनाव में सरकार का वोट बैंक प्रभावित नहीं हो इसलिए सरकार उम्मीदवारों को गुमराह कर रही है। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ही सीएम बनेंगे तो शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होगा। शिक्षा मंत्री के ट्वीट हटाए जाने पर बिहार टीईटी-सीटीईटी-एसटीईटी उत्तीर्ण शिक्षक बहाली मोर्चा ने बताया कि शिक्षा मंत्री जी को इस ट्वीट को डिलीट करने की क्या वजह हो सकती हैं? लगता है इरादा नेक नहीं है। 

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