ओवैसी को लेकर जनता परिवार में मतभेद

ओवैसी को लेकर जनता परिवार में मतभेद

पटना : आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बिहार चुनाव में मैदानी जंग में सामने आ जाने के बाद जनता परिवार अल्पसंख्यक वोटों की गिनती कम होने के अंदेशे से ही घबरा रही है। अपने पुराने साथी सपा के अलग हो जाने के बाद जनता परिवार साईकिल से उतर गई है। अब वह टमटम के सहारे है लेकिन उसे टमटम से भी तेज़ सवारी की दरकार है। ऐसे में जनता परिवार अल्पसंख्यकों को अपने साथ लाने का प्रयास कर रही है। अल्पसंख्यक चेहरा बने असदुद्दीन ओवैसी के बिहार चुनाव में कदम रखते ही चुनावी आंधी ज़ोरों पर चल रही है।

नेताओं को समझ ही नहीं आ रहा कि अलग हुई सपा के बाद अब ओवैसी के अल्पसंख्यक चेहरे को कैसे रोका जाए। मामले को लेकर वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा है कि वे ओवैसी को साथ रखकर चुनाव लड़ना चाहते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की उनकी मंशा है। हालांकि लालू इससे अलग मत रखते हैं उन्होंने ओवैसी को साथ रखने का पक्ष अभी तक नहीं लिया है। मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि भाजपा का चुनाव अभियान रोकने की आवश्यकता है। ओवैसी को महागठबंधन में आ जाना चाहिए। 

हालांकि लालू प्रसाद यादव ने इस मसले पर ट्विट कर कहा कि किसी भी धर्म के कट्टरपंथी को न्यायप्रिय, धर्मनिरपेक्ष, विकास के लिए दृढ़ संकल्पित और प्रगतिशील महागठबंधन में स्थान नहीं दिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में ओवैसी ने अपना जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को रोकना सभी सेकुलर पार्टियों की जिम्मेदारी है मगर यदि कोई कहे कि मेरी ही छत्रछाया में आकर चुनाव लड़ा जाए तो ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेरे घर में किसी की शादी होगी तो मैं मोदी को नहीं बुलाऊंगा। मैं पर्सनली और पब्लिकली इनसे दूर रहता हूं। कुछ लोग मंच पर मोदी के विरूद्ध बोलते हैं मगर घर में शादी हो तो मोदी को बुलाकर उनके साथ पारिवारिक स्नैप बनवाते हैं।