CCI का बड़ा बयान, कहा- "सिर्फ प्रतिस्पर्धा पहलू की हो रही जांच..."

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बोला कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा WHATSAPP की नयी निजता नीति की कार्रवाई संभवत: उपभोक्ताओं की निजता को लेकर चिंता से संबंधित अधिक है। अदालत ने बोला कि ये बाजार में दबदबे की स्थिति के दुरुपयोग की जांच नहीं लगती। CCI ने अदालत में कहा कि वह व्यक्तिगत लोगों के निजता के उल्लंघन की  कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। यह केस उच्चतम न्यायालय में है। इसपर न्यायमूर्ति नवीन चावला ने बोला, ‘ऐसा लगता है कि नियामक उपभोक्ताओं के निजता के मुद्दे को लेकर चिंतित है।’

अदालत ने कहा, ‘आपके आदेश में बाजार में कथित दबदबे की स्थिति की जांच की देखने को नहीं मिलती।’ दिल्ली उच्च न्यायालय में इस केस में मंगलवार को प्रतिस्पर्धा आयोग के वकील अमन लेखी ने बोला  कि WHATSAPP की नयी निजता-नीति से इस नेटवर्क-मंच का उपयोग करने वालों के डाटा का अत्यधिक संग्रहण होगा और यह अधिक से अधिक प्रयोगकर्ताओं को जोड़ने के उद्देश्य से लक्षित विज्ञापन करने के लिए उपभोक्ताओं का ‘पीछा’ करने जैसा होने वाला है। यह एक तरह से बाजार में अपने दबदबे की स्थिति का दुरुपयोग करना है।

CCI ने संदेश भेजने के मंच वॉट्सऐप की नयी निजता नीति की कार्रवाई का आदेश दिया है। अपनी जांच को उचित ठहराते हुए CCI ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा। लेखी ने कहा कि CCI इस मामले में प्रतिस्पर्धा के पहलुओं पर गौर कर रहा है। प्रतिस्पर्धा नियामक व्यक्तिगत निजता के उल्लंघन के केस को नहीं देख रहा है। निजता के अधिकार से जुड़ा केस उच्चतम न्यायालय में है।

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