सीमा पार से घुसपैठ रोकने में असफल हो रहा भारत

Jan 16 2016 03:06 PM
सीमा पार से घुसपैठ रोकने में असफल हो रहा भारत

नई दिल्ली : पठानकोट एयरबेस में हुए आतंकी हमलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पठानकोट का दौरा किया। इस दौरान उन्होने इस कार्य में लगी एजेंसियों की तत्परता और कार्यकुशलता की खूब सराहना की। इस बीच केंद्र सरकार ने माना कि सीमा पर घुसपैठ को रोक पाने में भारत असफल हो रहा है। सरकार ने कहा कि भारत ने इससे सबक सीख कर विभिन्न मोर्चो पर सुधार की तैयारी शुरु कर दी है।

इसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को और अधिक बेहतर करने से लेकर राष्ट्रीय गतिरोध की स्थिति में बेहतर मीडिया प्रबंधन के लिए उपाय करने तक शामिल है। सामरिक ठिकानों के सुरक्षा इंतजामों की नए सिरे से समीक्षा करने के भी आदेश दिए गए है। शुक्रवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने दोनों मंत्रालयों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में पठानकोट हमले पर विस्तार से चर्चा की गई। गणतंत्र दिवस के समारोह को लेकर दिल्ली और जम्मू-कश्मीर सहित देश भर में सुरक्षा व्यवस्था के उपायों पर भी चर्चा हुई। पठानकोट में चले ऑपरेशन की सभी ने सराहना की लेकिन इस बात को भी कबूला कि सीमा पर सुरक्षा में चूक हुई है। सीमा पार से हो रहे घुसपैठ को रोकने के लिए आधुनिक हथियारों के प्रयोग पर भी जोर दिया गया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को बेहतर तालमेल के लिए एक-दूसरे से नियमित संवाद और अभ्यास जारी रखना चाहिए। बैठक में यह भी कहा गया कि पठानकोट हमले में जैसी मुस्तैदी दिखाई गई उस तरह से मीडिया पर दिखाई नही गई। मीडिया का प्रबंधन और बेहतर हो सकता था। इसके लिए सभी एजेंसियों में अधिकारियों को जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाए। बैठक में गृह सचिव राजीव महर्षि, रक्षा सचिव जी मोहन कुमार और दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा खुफिया ब्यूरो और रिसर्च एंड एनालसिस विंग (रॉ) के प्रमुख भी शामिल थे।