यूपी के समाज कल्याण विभाग में मृतक आश्रितों की भर्ती में बड़ा झोल आया सामने

Aug 06 2020 04:10 PM
यूपी के समाज कल्याण विभाग में मृतक आश्रितों की भर्ती में बड़ा झोल आया सामने

लखनऊ: देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट में मृतक आश्रितों को नौकरी देने में बड़े खेल का खुलासा हुआ है. बीते कुछ सालों में मृतक आश्रित के रूप में कई अपात्र लोगों को नौकरी दे दी गई. केस पकड़ में आने पर दो कर्मियों की सेवाएं ख़त्म कर दी गई हैं, जबकि दो अन्य कर्मियों के विरुद्ध जांच बैठा दी गई है.

वही गलत नियुक्तियां देने के आरोप में संबंधित अफसरों व कर्मियों से भी जवाब मांगे गए है. सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट में मृतक आश्रित के तौर पर प्रतिमा सिंह को पर्यवेक्षक के पद पर साल 2016 में नियुक्ति दी गई. उनके पिता इंद्र बहादुर सिंह एडीओ सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के पद पर तैनात थे, जिनकी सर्विस के चलते ही मृत्यु हो गई थी.

साथ ही प्रतिमा की मां मालती सिंह बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट में अध्यापक हैं. नियम है कि यदि मां-बाप दोनों सरकारी सर्विस में हैं, तथा एक की मौत हो जाती है, तो मृतक आश्रित कोटे का मुनाफा प्राप्त नहीं होगा. इसलिए प्रतिमा सिंह को नौकरी नहीं दी जा सकती थी. निरिक्षण में केस सही पाए जाने पर प्रतिमा को बर्खास्त कर दिया गया है. वही उनकी मां ने सरकारी सर्विस में न होने का झूठा एफिडेविट दिया था. उनके विरुद्ध FIR के आदेश अमेठी पुलिस को दे दिए गए हैं. इस केस में वर्तमान उप निदेशक नीरू सिंह को वजह बताओ नोटिस दिया गया है. वर्तमान प्रशासनिक अफसर भाईलाल यादव के रिटायर्ड हो जाने की वजह से शासन से उनके विरुद्ध कार्यवाही की मंजूरी मांगी गई है. वही अब पुरे मामले की जाँच की जाएगी. 

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