जीवन में सुख-समृद्धि के लिए आज पढ़े श्री परशुराम स्तुति

हर साल हिन्दू पंचांग के अनुसार वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी को परशुराम द्वादशी मनाई जाती है। ऐसे में इस साल ये आज यानी 13 मई 2022 को मनाई जा रही है। आप सभी को बता दें कि इस दिन पूरे देश में परशुराम जी की पूजा-अर्चना करते हैं और कहा जाता है भगवान परशुराम जी शास्त्र एवम शस्त्र विद्या के पंडित थे तथा प्राणी मात्र का हित करना ही उनका परम लक्ष्य रहा है। ऐसे में आज के दिन इस व्रत को करने से धार्मिक और बुद्धिजीवी पुत्र की प्राप्ति होती है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं परशुराम द्वादशी पर की जाने वाली परशुराम स्तुति। कहा जाता है जो इस स्तुति का पाठ करता है उसका जीवन सफल हो जाता है। इसी के साथ जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

श्री परशुराम स्तुति-
कुलाचला यस्य महीं द्विजेभ्यः प्रयच्छतः सोमदृषत्त्वमापुः।
बभूवुरुत्सर्गजलं समुद्राः स रैणुकेयः श्रियमातनीतु॥

नाशिष्यः किमभूद्भवः किपभवन्नापुत्रिणी रेणुका
नाभूद्विश्वमकार्मुकं किमिति यः प्रीणातु रामत्रपा।
विप्राणां प्रतिमंदिरं मणिगणोन्मिश्राणि दण्डाहतेर्नांब्धीनो
स मया यमोऽर्पि महिषेणाम्भांसि नोद्वाहितः॥

पायाद्वो यमदग्निवंश तिलको वीरव्रतालंकृतो
रामो नाम मुनीश्वरो नृपवधे भास्वत्कुठारायुधः।

येनाशेषहताहिताङरुधिरैः सन्तर्पिताः पूर्वजा
भक्त्या चाश्वमखे समुद्रवसना भूर्हन्तकारीकृता॥

द्वारे कल्पतरुं गृहे सुरगवीं चिन्तामणीनंगदे पीयूषं
सरसीषु विप्रवदने विद्याश्चस्रो दश॥
एव कर्तुमयं तपस्यति भृगोर्वंशावतंसो मुनिः
पायाद्वोऽखिलराजकक्षयकरो भूदेवभूषामणिः॥
 
॥ इति परशुराम स्तुति ॥

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