बड़ा खुलासा : भगत सिंह के परिवार की भी हुई थी जासूसी

style="text-align: justify;">पंजाब/चंडीगढ़ : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जासूसी का मुद्दा अभी खत्म ही नहीं हुआ है और एक और बड़ा खुलासा हुआ है, भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधु ने दावा किया है कि 'शहीद-ए-आजम' भगत सिंह के परिवार की भी कई सालों तक 'निगरानी' की गई। उन्होंने मांग की कि सरकार भगत सिंह से जुड़ी सभी फाइलें सार्वजनिक करें, 57 साल के संधु ने मोहाली में संवाददाताओं को बताया, हमारे परिवार पर कई सालों तक नजर रखी गई। फोन पर होने वाली हमारी बातचीत भी सालों तक निगरानी के दायरे में रही। भगत सिंह के भतीजे अभय सिंह संधु का कहना है कि ब्रिटिश शासन के समय से ही उनके परिवार पर पैनी नजर रखी गई। 

भगत सिंह के भतीजे ने दावा किया है कि देश की आजादी के बाद भी हम खुफिया एजेंसियों की नजर में थे, संधु ने यह मांग भी की कि भगत सिंह के चाचा और स्वतंत्रता सेनानी सरदार अजित सिंह से जुडी फाइलें भी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा, 'हम वह सारी चीज जानना चाहते हैं जो ब्रिटिश सरकार ने सरदार अजित सिंह और शहीद भगत सिंह के बारे में लिखी थी। सारे रेकॉर्ड्स को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सरकार क्यों छुपा रही है? हमें उम्मीद है कि मौजूदा केंद्र सरकार जल्द ही इस बाबत कदम उठाएगी। आपको बता दे कि संधु भगत सिंह के छोटे भाई सरदार कुलबीर सिंह के बेटे हैं जिनका जन्म 1914 में हुआ था और वह फिरोजपुर से जनसंघ के विधायक थे, संधु ने कहा, 'मेरे पिता दिवंगत सरदार कुलबीर सिंह ने दोनों से जुडी वे फाइलें और रेकॉर्ड प्राप्त करने की कोशिश की थी जिन्हें दिल्ली के राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखा गया है, बकौल संधु उन्हें बताया गया कि फाइलें 'गुप्त' हैं और 20-30 सालों तक के लिये अहस्तांतरीण हैं। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता का निधन 1983 में हुआ था, लेकिन उसके बाद भी जब हमने मांग की तो हमें वही जवाब मिला, संधु ने कहा कि कुलबीर सिंह की मौत के बाद भी उनके परिवार ने दस्तावेज हासिल करने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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