बुद्ध पूर्णिमा: शांति और त्याग की मिसाल गौतम बुद्ध

सिद्धार्थ , जो आगे चलकर गौतम बुद्ध या भगवान बुद्ध कहलाए, उनका जन्म सैकड़ों वर्ष पहले आज ही के दिन हुआ था. इसी कारण बौद्ध अनुयायी आज उनके जन्मदिवस को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाते हैं, माना जाता है कि आज ही के दिन उन्हें ज्ञान कि प्राप्ति हुई थी. यूँ तो भगवान बुद्ध के संदेशों से धर्म ग्रन्थ भरे पड़े हैं, जिन्हे अपने जीवन में लागू करके कोई भी मनुष्य बुद्धतत्व को प्राप्त कर सकता है. आज के इस विशेष दिवस पर हम आपके लिए लाए हैं भगवान बुद्ध के कुछ अनमोल सन्देश, जो आपके जीवन को बदलने की क्षमता रखते हैं.

1. हजारों खोखले शब्दों से अच्छा एक शब्द वह है जो आपके जीवन में शांति ले आता है.

2. अतीत पर ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, सिर्फ अपने मन को वर्तमान क्षण पर केंद्रित रखने का प्रयास करो.

3. जिस प्रकार मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, ठीक उसी प्रकार मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता है.

4. तीन चीजें ज्यादा देर तक नहीं छुप सकती हैंः सूरज, चंद्रमा और सत्य. 

5. अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करना चाहिए, इसके लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहें. 

6. आपका स्वास्थ्य ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन और विश्वास सबसे बेहतर उपलब्धि है. 

7. सत्य के मार्ग पर चलते हुए आप से दो ही प्रकार की गलतियां होती हैं- एक आप पूरा रास्ता न तय करें और दूसरे आप शुरुआत ही न करें.

8. शक से भयावह कुछ भी नहीं है, शक ऐसे जहर के समान है जो मित्रता खत्म करता है और अच्छे रिश्तों को तोड़ता है, यह एक ऐसा कांटा है जो आपको ही चोट पहुंचाता है.

9. क्रोध को पालना उसी समान है जैसे गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने के लिए आपके हाथ पहले जख्मी होते हैं.

10. अपने मोक्ष के लिए स्वयं प्रयत्न करें, दूसरों पर निर्भर ना रहें.

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