'यादें' बेशक़ीमती हैं...

'यादें' बेशक़ीमती हैं...


ये ज़िन्दगी है जनाब,
यहाँ मौज भी होगी और ग़म भी ।
किसी की आहट से महफ़िल में रौनक होगी,
तो किसी की जुदाई से आँखें नम भी होंगी ।
यहाँ ख़ुशियों का सैलाब होगा
तो दर्द का अम्बार क्यूँ न होगा ।
दिल लगा कर भी दिल न लगाईये,
वे साथ आये हैं साथ छोड़ जाने के लिए ।
तब तलक़ ये कीजिये..
ज़िन्दगी बाहें खोलकर जी लीजिये,
बेहिसाब ख़ुशियाँ बटोर लीजिये ।
क्योंकि 'यादें' बेशक़ीमती हैं । 
 

~ प्रेरणा गौर
 

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