पुरुषो के सर पर शिखा रखने के फायदे

सिर पर शिखा रखने के पीछे बहुत बड़ी वैज्ञानिकता है जिसे आधुनिक काल में वैज्ञानिकों द्वारा सिद्ध भी किया जा चूका है.  आज हम जानेगे सिर पर शिखा रहने के फायदे- जिससे आप जान पाएंगे की  हज़ारों वर्ष पूर्व हमारे पूर्वज ज्ञान विज्ञानं में हम से कितना आगे थे.

1-वास्तव में शिखा का आकार गाय के पैर के खुर के बराबर होना चाहिए. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हमारे सिर में बीचोंबीच सहस्राह चक्र होता है. शरीर में पांच चक्र होते हैं,मूलाधार चक्र जो रीढ़ के नीचले हिस्से में होता है और आखिरी है सहस्राह चक्र जो सिर पर होता है. इसका आकार गाय के खुर के बराबर ही माना गया है.

2-शिखा रखने से इस सहस्राह चक्र का जागृत करने और शरीर, बुद्धि व मन पर नियंत्रणकरने में सहायता मिलती है. शिखा का हल्का दबाव होने से रक्त प्रवाह भी तेज रहता है और मस्तिष्क को इसका लाभ मिलता है.

3-शिखा रखने से मनुष्य प्राणायाम, अष्टांगयोग आदि यौगिक क्रियाओं को ठीक-ठीक कर सकता है.  शिखा रखने से मनुष्य की नेत्रज्योति सुरक्षित रहती है. शिखा रखने से मनुष्य स्वस्थ, बलिष्ठ, तेजस्वी और दीर्घायुहोता है.

4-जिस जगह शिखा (चोटी) रखी जाती है, यह शरीर के अंगों, बुद्धि और मन को  नियंत्रित करने का स्थान भी है. शिखा एक धार्मिक प्रतीक तो है ही साथ ही मस्तिष्क के संतुलन का भी बहुत बड़ा कारक है. आधुनिक युवा इसे रुढ़ीवाद मानते हैं लेकिन असल में यह पूर्णत: वैज्ञानिक है. दरअसल, शिखा के कई रूप हैं.

वास्तुकला में निपुण थे विश्वकर्मा

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