विज्ञान ने भी हिन्दुओं की इन परम्पराओं को माना सटीक और तार्किक

दुनिया में ना जाने कितने तरह के अलग-अलग धरम के लोग रहते हैं, जो अपनी जीवन से मृत्यु के बीच में अपने धर्म की अलग-अलग परम्पराओं का पालन करते हैं. आज इस खबर के माध्यम से हम आपको हिन्दू धर्म की कुछ ऐसी परम्पराओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका आज तक लोग पालन करते आ रहे हैं. हिन्दू धर्म के अनुसार जब कोई अनुषय मर जाता है, तब उसके बिस्तर को दान में दे दिया जाता है. बरसों से चली आ रही यह परंपरा आज भी जीवित है. उससे जुड़ी कई सारी परम्पराएं हैं, जिसे लोग आज भी मानते हैं.

मान्यता है कि जब कोई व्यक्ति मर जाता है या फिर अपने शरीर को त्याग देता है, तब उसके बिस्तर, कपड़े और यहां तक कि उसकी चारपाई या खटिया भी दान में दे दी जाती है. हमारे देश में इतनी सारी परम्पराएं हैं कि कई लोग इन्हे लेकर मनगड़त कहानियाँ बुनने लगते हैं. लेकिन सच बात तो यह है कि इन सभी परम्पराओं के परिणामों से आज विज्ञान तक सहमत हो चुकी है, और बताए गए सभी तर्कों को सही बताया है.

बताई गई परंपरा को विज्ञान ने पूरी तरह से सटीक और तार्किक माना है, जिससे इस बात का पता चलता है कि कोई भी परंपरा बेवजह नहीं होती है. इस परंपरा का एक और पहलु यह भी है कि दान दिए हुए बिस्तर में किसी तरह का इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है. लेकिन यह बात तभी सही साबित हो सकती है, जब मृत व्यक्ति किसी बिमारी से ग्रस्त रहा हो. इस स्थिति में जो भी व्यक्ति उस बिस्तर का प्रयोग करता है, उस व्यक्ति को भी कीटाणु अपना शिकार बना सकते हैं.

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