बंगाल में ममता ने गौ-मांस विक्रय पर प्रतिबंध से किया इंकार

कोलकाता : देशभर में गौ मांस और मीट को लेकर बवाल मचा हुआ था मगर अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान ने इसमें आग में घी डालने वाला काम किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गौ मांस और मांस को प्रतिबंधित करने की अपील को लेकर इस तरह की बातें कहीं जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द की बात की जाएगी। यह बंगाल सांप्रदायिकता और धर्मनिरपेक्षता की धरती है। यहां पर खाने को लेकर विवाद नहीं हो सकता। नवरात्रि पूजा के दौरान भी गौ मांस और मांस के विक्रय पर बैन नहीं लगाया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि गौ मांस पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग किए जाने के बाद राज्य अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा इस मामले में कहा गया कि दंगा भड़काने के किसी भी प्रयास की अनुमति नहीं दी जा सकती है। आखिर लोग दूसरों के अधिकार में किस तरह से हस्तक्षेप कर सकते है। 

हिंदू समहति संगठन ने नवरात्रि के दौरान होने वाली दुर्गा पूजा के दौरान राज्य में गौ मांस की बिक्री को प्रतिबंधित करने की मांग की। जिसमें संगठन के लोगों ने कहा कि पूजन के दिनों में गौमांस प्रतिबंधित रहे। उल्लेखनीय है कि गुजरात में भाजपा सरकार द्वारा गौ मांस का भक्षण न करने को लेकर एक होर्डिंग लगाया था जिसमें गौमांस भक्षण को कुरान में भी प्रतिबंधित बताया गया था जिस पर जमकर बवाल मचा था।

कुछ समय बाद मुंबई में जैन समाज द्वारा पर्यूषण पर्व का हवाला देते हुए मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी मगर इस पर जमकर विरोध हुआ। मनसे और शिवसेना के साथ कांग्रेस भी इस मामले में विरोध करने उतर आई। मनसे ने कई स्थानों पर चिकन का विक्रय स्टाॅल लगाकर किया।

जब मांस का विक्रय प्रतिबंधित न किए जाने को लेकर न्यायालय में अपील की गई तो न्यायालय ने प्रतिबंध के दो दिन कम कर दिए और बाहर से मांस लाकर बेचने की अनुमति दे दी। अब पश्चिम बंगाल में इस तरह की बात सामने आने के बाद विवाद को तूल मिलता दिखाई दे रहा है। 

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