ISIS की घिनोनी कहानी : इस दुनिया में या तो मुस्लिम बनना होगा या मरना होगा

इराक : मुस्लिम होने की मैने बहुत बड़ी कीमत चुकाई है, ये आप बीती एक ऐसी युवती ने सुनाई जो बड़ी कठिनाई से सबसे बड़े खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ISIS के चंगुल से जिंदा बच निकलने में कामयाब हुई है। हाल ही में मिडिया को दिए इंटरव्‍यू में युवती ने अपने साथ हुई दरिंदगी की दर्दभरी दास्तान बया की।

इस पीड़ित युवती का नाम बाजी है और इसका इराकी शहर सिंजर से अगस्‍त 2014 में अपहरण किया था। बकौल बाजी, उसे 10 अन्‍य युवतियों के साथ नीलामी के लिए रखा गया था। अबु अब्‍दुल्‍ला अल अमरीकी नाम के एक जेहादी ने उसे खरीदा और उसके साथ एक साल तक मनमानी करता रहा। बाजी ने बताया कि अबु अब्‍दुल्‍ला मूल रूप से अमेरिकी नागरिक है और वहां उसके 2 बच्‍चे तथा बीवी भी है। वह समय-समय पर उनसे मिलने भी जाता है। ISIS से जुड़ने से पहले तक वह अमेरिका में बतौर शिक्षक काम करता था।

बाजी ने बताया कि अमरीकी उसके साथ दिन में 5 बार तक बलात्‍कार करता था। इतना ही नहीं, वह अपने साथियों के सामने उसे हवस की आग बुझाने के लिए फेंक देता था। बाजी ने बताया कि ISIS के कब्‍जे वाले इलाकों में यजीदी और क्रिश्चियन युवतियों और लड़कियों को यौन शोषण के लिए बेचा और नीलाम किया जाता है। यहां उम्र और मजहब के मुताबिक युवतियों की कीमत तय की गई है। बजी पर जुल्म की कहानी यही खत्म नही होती है। वह जब आपने आप पर हो रहे अत्याचार का विरोध करती थी तो उसकी जान लेने की धमकियां दी जाती थी। वहां मौजूद एक शख्स ने उसे समझाया की इस दुनिया में या तो सभी को मुस्लिम बनना होगा या फिर मरना होगा।

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