गुड़हल की चाय से निखारे सौंदर्य

गुड़हल के फूल सनातन धर्म में अत्यन्त पवित्र माना गया है। आयुर्वेद में भी गुड़हल के पेड़ को एक संपूर्ण औषधि माना गया है। इसकी जड़ से लेकर पुष्प तक हर चीज किसी न किसी बीमारी का इलाज है चाहे वो शरीर में खून की कमी हो,बालो की झड़ने की समस्या हो, बालो की सफेदी हो, भूलने की आदत हो,चेहरे के मुहासे हो,या मुह के मुहासे हो गुड़हल सब रोगों का इलाज में कारागार है| 

तो आइये सिखाए गुड़हल की चाय कैसे बनाये :-

सामग्री

सूखे हुए गुड़हल के फूल ( फूल खाने लायक हों और पौधे पर रसायन या कीटनाशकों का प्रयोग न हुआ हो) : 1 कप
दालचीनी : एक टुकड़ा,अदरक : ताजा और बिना छिलका उतारे धोकर छोटे-छोटे गोल टुकड़ों में काटा हुआ : ½ इंच
शहद/खजूर का गुड़ स्वादानुसार |

विधि 

4 कप पानी उबालें। उसमें गुड़हल के फूल, दालचीनी का टुकड़ा और अदरक के टुकड़े मिलाएं। फिर 5 मिनट तक उबालें।बर्तन को चूल्हे से उतार कर ढक दें। 15-20 मिनट तक छोड़ दें (फूलों को ज्यादा समय तक पानी में छोड़ने पर स्वाद में कड़वाहट आ सकती है। दालचीनी और अदरक के टुकड़ों को अच्छे से निचोड़ लीजिये और पानी छान लीजिये | स्वाद के लिए शहद या खजूर का गुड़ मिलाएं। गर्म या ठंडा परोसें। तैयार है स्वाद और सेहतमंद भरी गुड़हल चाय |

सावधान! शुगर बना रही है आपके स्वस्थ्य को कमजोर

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