अब उत्तर प्रदेश शिक्षामंत्री की नातिन पढ़ने जाएगी सरकारी स्कूल में

Aug 28 2015 05:29 AM
अब उत्तर प्रदेश शिक्षामंत्री की नातिन पढ़ने जाएगी सरकारी स्कूल में

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने हाईकोर्ट के सरकारी स्कूल के विकास संबधी फैसले की सराहना करते हुए आदेश का पालन करने की घोषणा की है। रामगोविंद ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि समय आने पर वे अपनी नातिन को सरकारी स्‍कूल में पढ़ाएंगे। इस समय उनके नातिन की उम्र ढाई साल है। गौरतलब हैं कि 18 अगस्त 2015 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने क्रांतिकारी फैसले में उत्तर प्रदेश में शिक्षा की दशा सुधारने और सरकारी स्कूलों के विकास के लिए सभी सरकारी कर्मचारियों और सरकारी सेवा लाभार्थियों के बच्चों का सरकारी स्कूल में पढना अनिवार्य किया किया था और फैसलें का विरोध करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अफसरशाही की ओर से बेहद विरोध हुआ था। बेसिक शिक्षा मंत्री हाईकोर्ट के फैसले के संदर्भ में आईएएस-आईपीएस, पीसीएस-पीपीएस एसोसिएशन और बार पदाधिकारियों के साथ ही कर्मचारी संगठनों को एक चिट्ठी लिखकर उनकी राय जानेंगे। उनका यह भी कहना है कि हाईकोर्ट ने सरकारी स्‍कूलों में शिक्षा की गुणवत्‍ता को सुधारने का एक अच्‍छा अवसर दिया है। विधानसभा में बीजेपी विधान मंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना ने यह मामला उठाते हुए सरकार से पूछा था कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन को लेकर सरकार कब तक कार्ययोजना बनाएगी। उन्‍होंने यह भी कहा कि शिक्षकों से चुनाव, दैवी आपदा और जनगणना के अलावा अन्य कोई काम नहीं लिया जाना चाहिए।