इस बार बसंत पचंमी मनेगी दो बार, है कई मान्यताऐं

Jan 31 2016 10:26 AM
इस बार बसंत पचंमी मनेगी दो बार, है कई मान्यताऐं

मां सरस्वती को कौन नहीं जानता। मां सरस्वती को ज्ञान की देवी कहा जाता है। और इन्ही के उपलक्ष्य में बसंत पचंमी का यह पर्व मनाया जाता है। 2016 में इस बार यह पर्व दो बार मनाया जायेगा। छत्तीसगढ़ में बसंत पंचमी 12 फरवरी को मनाई जायेगी। और 13 फरवरी के दिन मध्यप्रदेश में मनाई जायेगी।

मिलेगा ज्ञान

मान्यता है कि मां सरस्वती को सभी लोग शिक्षा कि देवी मानते हैं। मां सरस्वती ज्ञान का सागर है जहां पर ज्ञान कि प्राप्ती होती है। और इसी ज्ञान की प्राप्ती के लिए सभी को इस दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना करनी होती है।

कहा जाता है कि बसंत पंचमी के दिन अगर मां सरस्वती की पूजा कि जाये तो इस दिन भरपूर ज्ञान की प्राप्ती होती है। इसलिए इस पर्व पर स्कूलों व उच्च शिक्षण संस्थानों में मां सरस्वती जी कि पूजा कि जाती है। इसके साथ ही अगर कोई बच्चे को अक्षर का ज्ञान दिया जाये तो वह इस दिन इसे शीघ्र ही सीख लेता है। और बड़ा होकर होनहार छात्र बनता है।

स्वर का भी करें अध्ययन

कहा जाता है कि बंसत पंचमी के दिन ही स्वर की उत्पत्ती हुई थी। इसी दिन स्वर के महत्व को लोगों ने समझा था। इसलिए इस दिन स्वर सम्बधी सात स्वर सा, रे, गा, मा, पा, धा, नि, का अध्ययन किया जाना चाहिए। इससे स्वर के क्षेत्र में भी प्रगति होती है। और निपुणता प्राप्त होती है।

जो बच्चे उच्च शिक्षा में अपना नाम रोशन करना चाहते हैं उन्हे बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की आराधना करके वेद शास्त्रों का दान करना चाहिए और इसके साथ ही सरस्वती मंत्र श्री ह्वी सरस्वत्यै स्वाहा अष्टाक्षर मंत्र से सरस्वती जी का पूजन व स्मरण करना चाहिए।  

शिशुओं को जो छः माह के हों या इनके आस-पास के हों या जो मां के दूध पर निर्भर हों उन्हें पहली बार अनाज खिलाने का इससे अच्छा शुभ अवसर प्राप्त नहीं हो सकता। और घर में खीर बनाकर सरस्वती जी को भोग लगायें और अपने शिशु को नहला का स्वच्छ कपडे़ पहना कर चैकी पर बैठाकर घर के सभी बड़े से लेकर छोटे सदस्य के हाथ से चांदी के चम्मच से खीर खिंलाऐ यह शुभ होता है।