कारोबार पर भी पड़ा बांग्लादेश हिंसा का असर, सीमा पर लगी है ट्रकों की लंबी लाइन

ढाका: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध हिंसा का असर पर भारत और बांग्लादेश के बीच कारोबार पर भी नज़र आने लगा है. हिंसा के बीच पश्चिम बंगाल से लगी भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सामानों का एक्सपोर्ट करने वाले कई ट्रक दो-दो महीने से प्रवेश की इजाजत के इंतजार में खड़े हुए हैं. इसे लेकर निर्यातकों ने नाराजगी जाहिर की है और जल्द से जल्द सीमा खोलने की अपील की है.

बता दें कि हाल में दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने हिंदू मंदिरों पर हमले किए थे. हिंदू भगवानों की मूर्तियों को तोड़ा गया था. कई लोगों का क़त्ल भी किया गया था. इस्कॉन के दो श्रद्धालुओं की हत्या कर दी गई थी. इसके खिलाफ पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न राज्यों में और विदेशों में रहने वाले हिन्दुओं में भी आक्रोश है. इस्कॉन इसके खिलाफ निरन्तर विरोध जता रहा है और प्रदर्शन कर रहा हैं. विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी हमले और हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर चुका है.

बांग्लादेश के लिए माल ले जा रहे ट्रकों के लिए पेट्रापोल और घोजाडांगा जमीनी सीमाओं पर लंबा इंतज़ार, बार-बार अनुरोध के बाद भी कारोबारियों के लिए समस्या बनी हुई है. निर्यातकों ने बताया कि माल एक्सपोर्ट करने वाले ट्रकों को एक महीने से ज्यादा समय के लिए रोका हुआ है. कुछ मामलों में ट्रक 55 दिनों से खड़े हुए हैं. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन (पूर्व) सुशील पटवारी ने कहा कि, 'ट्रकों की लंबी प्रतीक्षा अवधि की कई वजह है. दोनों देशों से निर्यात की मात्रा बढ़ी है और दुर्गा पूजा की छुट्टियों ने दिक्कतों को और बढ़ा दिया है”.

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