बल्लालेश्वर देते हैं समृद्धि का वरदान

देशभर में धार्मिक रीति से अष्टविनायकों का महत्वपूर्ण स्थान है। अष्टविनायक के दर्शन कर श्रद्धालु अपने जीवन को धन्य मान लेता है। भगवान श्री गणेश अपने श्रद्धालुओं को आठ अलग - अलग स्वरूपों में दर्शन कर पुण्य अवसर प्रदान करते हैं। श्रद्धालु भगवान के इन आठ स्वरूपों के दर्शन पाकर खुद को अभिभूत समझते हैं। यूं तो अष्ट विनायक के दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है लेकिन किसी भी एक रूप का दर्शन ही श्रद्धालुओं की सारी मनोकमना को पूर्ण कर देता है। ऐसा ही एक स्वरूप है श्री 

बल्लालेश्वर। जी हां, महाराष्ट्र में पुणे - मुंबई मार्ग के समीप पाली गांव में भगवान श्री बल्लालेश्वर का निवास माना जाता है। भगवान की यह मूर्ति अद्भुत है। और श्रद्धालुओं की मनोकना को जल्द पूरा करती है। यहां चतुर्थी, बुधवार, विनायकी चतुर्थी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। बल्लालेश्वर को मोदक, लड्डू आदि का भोग लगाया जाता है। यहां भगवान को विशेष पुष्पों की माला सुशोभित करवाई जाती है। जी हां, ये विशेष प्रकार के फूल भगवान को अतिप्रिय होते हैं।

इन्हें मुक्ता फलों की माला कहा जाता है। दूसरी ओर यहां आने वाले की सभी कामना पूर्ण होती है श्रद्धालु का मन यहां आकर शांत और भगवान के ध्यान में स्थिर हो जाता है। यहां गर्म पानी के दो कुंड है। जिनमें स्नान करना बेहद पवित्र माना जाता है। माना जाता है कि यह स्वयंभू मूर्ति है और भगवान को सिंदूरवर्णी चोला चढ़ाया जाता है। 

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