बलराम जयंती पर इस तरह करें पूजन, मिलेगा संतान प्राप्ति का वरदान

Aug 20 2019 08:40 PM
बलराम जयंती पर इस तरह करें पूजन, मिलेगा संतान प्राप्ति का वरदान

हर साल भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलरामजी की जयंती मनाई जाती है ओर यह हर साल भाद्रपद्र माह के कृष्ण पक्ष की पष्ठी तिथि को मनाई जाती है. ऐसे में आप सभी को पता ही होगा कि द्वारकाधीश के बड़े भाई बलराम को शेषनाग का अवतार कहा गया है और जब-जब दुनिया में विष्णु जी ने अवतार लिया है तब-तब उनके साथ शेषनाग ने भी अवतार लिया है.

आप सभी को बता दें कि ठीक उसी तरह द्वापर युग में श्रीकृष्ण के जन्म से पहले शेषनाग ने बलराम के रूप में अवतार लिया था और बलराम जयंती इस साल 21 अगस्त को यानी कल मनाई जाने वाली है. ऐसे में बलराम जयंती को हलषष्ठी और हरछठ, हलछठ के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन उन महिलाओं को उपवास रखना चाहिए जो संतान प्राप्ति चाहती हैं और साथ ही उन महिलाओं को भी जो बेटे की माँ होती हैं. आप सभी को बता दें कि इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से पूजा करने पर संतान प्राप्ति का आशिर्वाद मिलता है और अगर आपकी संतान बीटा है तो उसे सफलता मिलती है.

पूजा तिथि - आप सभी को बता दें कि कृष्ण पक्ष की पष्ठी तिथि का शुभ मुहूर्त बुधवार 21 अगस्त सुबह साढ़े पांच बजे शुरू होगा जो 22 अगस्त गुरुवार सुबह 7 बजकर 6 बजे तक रहेगा. ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का मुख्य शस्त्र हल और मूसल है, इसी वजह से उन्हें हलधर भी कहा गया है. इसी के साथ कहते हैं इस दिन हल बिना चले धरती से उत्पन्न होने नावे अन्न, भाजी खाने का महत्व है और गाय के दूध और दही का सेवन वर्जित होता है. इसी के साथ किसानों के घर हल और बैल की पूजा की जाती है और महिलाएं पुत्र की रक्षा के लिए पूरे दिन व्रत करती हैं और पसई के चावल खाकर दिन व्यतीत करती हैं. इसी के साथ बलराम जयंती पर महिलाएं तालाब में उगे फलों या चावल खाकर व्रत करती हैं और व्रत के दौरान दूध से बनी किसी भी चीज का सेवन नहीं किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि बलराम जयंती के दिन व्रत और पूजा से भगवान का आशीर्वाद मिल जाता है और बलराम जयंती के दिन सुबह उठकर स्नान कर व्रत का संकल्प लेंकर पूजन करने से लाभ होता है.

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