पुत्रजीवक बीज को लेकर बाबा फिर आए परेशानी में

उत्तराखंड : कुछ समय पहले ही योगगुरु बाबा रामदेव अपनी एक दिव्य योग फार्मेसी से बनने वाली दवाई को लेकर चर्चा में रहे है. और अब हाल ही में बाबा की इस "पुत्रजीवक बीज" की जांच के लिये उत्तराखंड सरकार ने भी एक समिति का गठन किया है, ये समिति सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। यहाँ के मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार का कहना है कि यह खबर बिलकुल सही है और उन्होंने यह भी कहा है कि ड्रग कंटोलर, आयुष, पीडी चमोली की अध्यक्षता में तीन-सदस्यीय समिति का गठन किया गया है.

यह गठन केंद्र सरकार से राज्य सरकार को इस संबंध में मिले दिशा निर्देशों के तहत किया गया है। उनका यह भी कहना है कि इस समिति को एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये गये हैं जिसके बाद यह रिपोर्ट केंद्र को भेज दी जायेगी।

गौरतलब है कि बाबा रामदेव द्वारा निर्मित यह दवाई कुछ दिनों पहले ही विवादों में आई थी जब जनता दल यूनाइटेड के सांसद केसी त्यागी ने राज्यसभा में इसको लेकर मामला उठाया था और यह भी कहा था कि यह दवाई पुत्र जन्म के लिये दी जाती है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेंटी पढ़ाओ’ अभियान के विरुद्ध भी है। इसके बाद रामदेव ने यह कहते हुए इन सब आरोपों को ख़ारिज किया था कि यह दवाई आयुर्वेद के सिद्धांतों के आधार पर बनायी गयी है और यह संतान प्राप्ति में सहायक है न कि सिर्फ पुत्र की प्राप्ति के लिये ही है ।

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