अली और बजरंगबली के विवाद पर आज़म खान ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

अली और बजरंगबली के विवाद पर आज़म खान ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा बयान

लखनऊ: अली और बजरंग बली के युद्ध में रामपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी आजम खान भी कूद पड़े हैं. उन्होंने बजरंग अली का नारा देकर एक नए विवाद को जन्म दे दिया है. आजम खान ने अली और बजरंगबली का मसला उठाते हुए बजरंगबली के स्थान पर 'बजरंग अली' का नारा लगवाया. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पाकिस्तान का एजेंट होने का आरोप भी लगाया.

रामपुर में गुरुवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सपा नेता आजम खान ने कहा है कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने बयान दिया है कि अगर पीएम मोदी फिर से सत्ता में वापसी करते हैं तो दोनों देशों के मध्य विवाद सुलझ जाएगा. आजम खान ने कहा है कि मोदी-इमरान के बीच ये कैसी मिलीभगत है? सपा प्रत्याशी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि, "आप कल नवाज शरीफ के मित्र थे और आज इमरान खान आपके फिर से प्रधानमंत्री बनने की कामना कर रहा है. बताओ लोगों पाकिस्तान का एजेंट मैं हूं या पाकिस्तान का एजेंट...". (भीड़ चिल्लाने लगती है-मोदी है-मोदी है).

अली और बजरंग मामले पर आज़म खान ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा है कि, "आपस के रिश्ते को अच्छा करो, अली और बजरंग बली में झगड़ा मत कराओ, मैं तो एक नाम बताए देता हूं बजरंग अली." आगे उन्होंने सूबे के सीएम योगी पर हमला करते हुए कहा कि, "योगी जी, मेरा दिल तो कमजोर नहीं हुआ. पहले आपने कहा था कि हनुमान जी दलित थे. फिर किसी और ने कहा कि हनुमान जी ठाकुर थे. फिर कहा गया कि वे ठाकुर नहीं, बल्कि जाट थे. फिर किसी ने कहा कि वे भारत के तो थे ही नहीं, वे तो श्रीलंका से थे. इसके बाद एक मुसलमान एमएलसी ने कहा कि हनुमान जी मुसलमान थे.  तब जाकर झगड़ा समाप्त हुआ. अब हम अली और बजरंग एक हो गए हैं." इसके बाद आज़म खान ने कहा कि- "बजरंग अली तोड़ दो दुश्मन की नली, बजरंग अली ले लो जालिमों की बलि."

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