आयुर्वेद में छुपा है सभी बीमारियों का इलाज

आयुर्वेद में छुपा है सभी बीमारियों का इलाज

कई प्रकार के असाध्य रोगों जैसे डायबिटीज, मिर्गी, साइनस और अस्थमा आदि में आयुर्वेद के द्वारा आराम पाया जा सकता है। नीचे हम आपको ऐसे ही कुछ उपचारों के बारे में बताने जा रहे है।

डायबिटीज का इलाज :- आम के 15 पत्ते ले और उसे एक गिलास पानी में डाल कर उबाल लें और फिर रातभर उन्हें ऐसे ही छोड़ दें। सुबह खाली पेट इस पानी को छानकर पी लें। इसके अलावा रोज एक छोटे करेले का जूस बना कर पिएं। सुबह शाम मीठे नीम के 5-7 पत्ते चबाकर खाएं। रोजाना लहसुन खाने से भी डायबिटीज से आराम मिलता है।

अस्थमा के इलाज में :- जिस व्यक्ति को अस्थमा की शिकायत है उन रोगियों को एक गिलास गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीना चाहिए। अदरक का रस निकाल कर शहद में मिला कर पीने से भी लाभ होता है। एक चम्मच त्रिफला चूर्ण नींबू पानी के साथ लेने से भी राहत मिलती है। आयुर्वेद के कुछ चूर्ण अस्थमा रोग के लिए लाभदायक होते हैं जैसे मुक्तादि चूर्ण, शट्यादि चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण और तालीशादी चूर्ण आदि इन मे से मुख्य है। साथ ही रोगी को धूल, धुएं व एलर्जन पार्टिकल्स से बचना चाहिए।

जोड़ों के दर्द में :- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि इससे शरीर का अतिरिक्त यूरिक एसिड पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। प्रतिदिन सुबह एलोवेरा के रस का सेवन करने से लाभ होता है। आधा किलो सरसों का तेल लें उसमे 250 ग्राम कर्पूर मिलाकर एक शीशी में भर लें। इसे कुछ दिनों तक धूप में रखने के बाद दर्द वाली जगह पर तेल की मालिश करें।

साइनस के इलाज में :- धूल, धुएं और एलर्जी से बचें, धूम्रपान से दुरी बनाये रखे, रोजाना सुबह-शाम गुनगुने पानी के साथ लक्ष्मी विलास रस (नारदिय) की दो-दो गोलियां खाएं और रात को सोने से पहले षदबिंदु तेल दो-दो बूंद नाक में डालने से भी लाभ होगा। तुलसी, काली मिर्च और नमक वाली चाय पीने से साइनस में आराम मिलता है। यदि आपको मिर्गी की समस्या है तो वैद्य की सलाह से लक्षणानुसार स्मृति सागर रस, सारस्वत चूर्ण, महापैशाचिक घृत, अश्वगंधारिष्ट आदि का सेवन कर लाभवंतित हो सकते है।