अयोध्या मामला LIVE: मुस्लिम पक्ष के वकील जिलानी का दावा, कहा- PWD की रिपोर्ट में है मस्जिद का जिक्र

Sep 13 2019 01:57 PM
अयोध्या मामला LIVE: मुस्लिम पक्ष के वकील जिलानी का दावा, कहा- PWD की रिपोर्ट में है मस्जिद का जिक्र

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर और बाबरी मस्जिद मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में 23वें दिन की सुनवाई आरंभ हुई. मुस्लिम पक्ष की ओर से शुक्रवार को जफरयाब जिलानी ने बहस शुरु की. जिलानी ने PWD की उस रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि 1934 के सांप्रदायिक दंगों में मस्जिद के एक भाग को कथित रूप से क्षतिग्रस्त किया गया था और PWD ने उसकी मरम्मत कराई थी. जिलानी ने कहा कि 1885 में निर्मोही अखाड़ा द्वारा दाखिल याचिका में विवादित भूमि की पश्चिमी सीमा पर मस्जिद होने की बात कही थी यह हिस्सा विवादित भूमि का भीतरी आंगन है. 

जिलानी ने आगे कहा कि निर्मोही अखाड़ा ने 1942 के अपने मुकदमे में भी मस्जिद का उल्लेख किया है, जिसमे उन्होंने तीन गुम्बद वाले ढांचे को मस्जिद स्वीकार किया था. जिलानी ने मोहम्मद हाशिम के बयान का हवाला देते हुए कहा कि, ''हाशिम ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने 22 दिसबंर 1949 को बाबरी मस्जिद में नमाज पढ़ी थी.'' इसके साथ ही जिलानी ने हाजी महबूब के बयान का भी हवाला दिया और कहा कि 22 नवंबर 1949 को हाजी ने बाबरी मस्जिद में नमाज अदा की थी. जिलानी ने एक गवाह के बारे में बताते हुए कहा कि 1954 में बाबरी मस्जिद में नमाज पढ़ने का प्रयास करने पर उस शख्स को जेल हो गई थी.

मुस्लिम पक्षकार ने बाबरी मस्जिद में 1945-46 में तरावीह की नमाज पढ़ाने वाले हाफ़िज़ के बयान का हवाला दिया. जीलानी ने एक गवाह का बयान पढ़ते हुए कहा कि उसने बाबरी मस्जिद में 1939 में मगरिब की नमाज़ पढ़ी थी. जिलानी मुस्लिम पक्ष के गवाहों के बयान पर यह साबित करने का प्रयास कर रहे हैं कि 1934 के बाद भी विवादित स्थल पर नमाज पढ़ी गई. वहीं, हिन्दू पक्ष की ओर से शीर्ष अदालत में जिरह के दौरान यह दलील दी गई कि 1934 के बाद विवादित जगह पर नमाज नहीं पढ़ी गई थी.

पेट्रोल और डीजल के भाव में हुई बढ़ोतरी, जानें नई कीमत

लगातार तीसरे दिन सोने के दामों में आई गिरावट, जानिए क्या हैं आज के रेट

IRCTC का बड़ा ऐलान, अब इस ट्रेन के यात्रियों को मिलेगा 25 लाख का निःशुल्क बीमा