नोटबंदी की वजह से ऑटो और ट्रैक्टर का हुआ भारी नुकसान

नोटबंदी का प्रभाव तो धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन इससे व्यापारियों को काफी मुसिबतों का सामना करना पड़ा। खास कर भारत की ऑटोमोबाइल और ट्रैक्टर सेक्टर्स को तगड़ा झटका लगा है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन गोयनका ने बताया कि नवंबर और दिसंबर के दौरान इन सेक्टर्स को 8 हजार करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

कंपनी के मुताबित अच्छे फेस्टिव सीजन की वजह से पिछले वर्ष सितंबर और अक्टूबर के दौरान ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की सेल्स अच्छी थी, जिसे नवंबर की शुरुआत में 500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने से बड़ी प्रभावित हुई हैं। नवंबर, 2016 में विभिन्न कैटेगरीज में व्हीकल सेल्स 5.48 फीसदी घटकर 15,63,665 यूनिट रह गई, जबकि बीते साल इसी महीने में यह 16,54,407 यूनिट रही थी। यह बीते 43 महीनों की सबसे बड़ी गिरावट थी। इससे पहले मार्च 2013 के दौरान यह 7.75 फीसदी रही थी। दिसंबर 2016 में ऑटोमोबाइल सेल्स 16 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। दिसंबर में भारत में ऑटोमोबाइल सेल्स 18.66 फीसदी घटकर 12,21,929 यूनिट रह गई, जबकि बीते साल इस महीने में यह 12,21,929 यूनिट रही थी।

ऑटो कंपनी संगठन के सियाम के अनुसार नोटबंदी के बाद स्कूटर, मोटरसाइकिल्स और कार सहित अधिकांश बड़े सेग्मेंट्स में दिसंबर के दौरान गिरावट हुई थी। गोयनका ने बताया कि, ‘सितंबर में ऑटो और ट्रैक्टर सेक्टर में अच्छी ग्रोथ हुई थी। 

 

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