शादी के सवाल पर भरे सदन में बोले थे अटल बिहारी वाजपेयी- मैं अविवाहित जरूर हूं, लेकिन कुंवारा नहीं...

16 अगस्त 2020 को देश के पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की द्वितीय पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 2018 को उनका देहांत हो गया था। उनकी गिनती देश की सियासत के उन चंद नेताओं में होती है जो कभी दलगत राजनीति के बंधन में नहीं बंधे। उन्हें हमेशा ही सभी पार्टियों से भरपूर प्यार व स्नेह प्राप्त हुआ। 80 एवं 90 के दशक में पैदा या बड़े हुए प्रत्येक व्यक्ति के मनपसंद नेता की सूची में अटलजी का नाम सबसे ऊपर रहा है। आज हम आपको उनके जीवन के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो बहुत कम व्यक्तियों को पता हैं।

वही ऐसा नहीं है कि शादी से संबंधित प्रश्न अटल जी से अधिक नहीं पूछा गया। मगर जब भी पूछा जाता वह कभी परेशान नहीं होते थे बल्कि बड़े ही शांत तथा संयमित तरीके से उन प्रश्नों का उत्तर देते थे। कई बार तो वो बोलते कि, ‘व्यस्तता की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।’ बाद में ये बोलकर मुस्कुरा देते थे। उनके नजदीकी लोग तो ये भी कहते हैं कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लिए आजीवन अविवाहित रहने का फैसला लिया था।

अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के बटेश्वर में था, हालांकि उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से उन्होंने अध्ययन किया। यदि उनके पूरे जीवन पर नजर डालें तो वो राजनीति, कविता तथा सादगी के बीच गुजरा। हालांकि लोगों के जेहन में ये बात भी आती है कि कभी शादी क्यों नहीं की, जिसका सही-सही जवाब तथा ठोस वजह किसी को नहीं पता। हालांकि इस बारे में वह स्वयं सदन में विपक्ष के हमलों के बीच अपने अविवाहित होने का बारे में बड़ी ही साफगोई के साथ ये बता चुके हैं, ‘मैं अविवाहित अवश्य हूं, मगर कुंवारा नहीं।’

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