असम की महिला को विदेशी समझकर, आगरा के राष्ट्रीय स्मारक में जाने पर लगाई रोक

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे असम की महिला को विदेशी बताकर आगरा के राष्ट्रीय स्मारक में जाने से रोक दिया. मंजीता चानू पिछले हफ्ते अपने दोस्तों के साथ आगरा के एतमाद उद दौला मकबरे में घुमने गई, तो वहां तैनात सुरक्षा गार्ड ने उसे वहां एंट्री नहीं दी. सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि वह एक विदेशी महिला है और उसे इस टिकट के आधार पर मकबरे में एंट्री नहीं दी जा सकती है. इसके लिए उसे और पैसे देने होंगे. मंजीता ने गार्ड से कहा कि वह भारतीय हैं, तो गार्ड ने आईडी कार्ड मांगा, काफी वाद विवाद होने के बाद उसे अंदर जाने दिया गया. 

मंजिता ने बताया है कि वह उसका जन्म असम में हुआ है और वह पिछले 15 सालो से दिल्ली में रह रही है. वह नागालैंड में पली-बढ़ी हैं. हाल ही में अपने दोस्त और उसके छोटे भाई के साथ आगरा घूमने गईं, तो उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उन्हें अपने ही देश में ही विदेशी घोषित कर दिया जाएगा.

मंजिता ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर फेसबुक पर डाल दिया है. जिसके बाद इस घटना पर लोगो द्वारा कई प्रकर की प्रतिक्रिया दी जा रही है. मंजीता चानू ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उसने कई बार पूर्वोत्तर के लोगों के साथ रंगभेद की घटनाएं सुनी थी, लेकिन दिल्ली में उन्हें ऐसा कभी व्यक्तिगत रुप से महसूस नहीं किया था.

पढ़िए देश-विदेश से जुड़ी छोटी-बड़ी ताज़ा खबरे न्यूज़ ट्रैक पर सीधे अपने मोबाइल पर 

जानिए ईनम गंभीर के बारे में

सुषमा स्वराज ने की चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात

विदेश यात्रा पर जा पाएंगे या नहीं ऐसे करें पता

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज करेंगी जापान और अमेरिका के साथ त्रिपक्षीय वार्ता

फॉरेन ट्रिप के लिए बजट कम है तो आजमाएं ये टिप्स

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -