बेकाबू होते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए इस राज्य ने शुरू की सामुदायिक निगरानी

पीएम मोदी कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे है. लेकिन राज्य सरकारें भी वायरस की रोकथाम के लिए अपनी पूरी ताकत झोक रही है. वही, असम सरकार ने पूरे राज्य में सीवियर एक्यूट रेस्पिरैटरी इन्फेक्शन (एसएआरआइ) और इन्फुएंजा जैसी बीमारी (आइएलआइ) की समुदाय आधारित निगरानी शुरू करने के लिए योजना तैयार की है. इससे कोविड-19 के संभावित प्रसार को रोका जा सकेगा. यह जानकारी एक सरकारी दस्तावेज में दी गई है. इस कार्यक्रम को जारी रखने और रोजाना आधार पर निगरानी करने के लिए एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स और एक राज्य स्तरीय समन्वय समिति तैयार की गई है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि असम सामुदायिक निगरानी योजना के लिए मानक संचालन प्रक्रिया के माध्यम से सोमवार रात दिशानिर्देश जारी किए गए और गुरुवार से सरकार सभी जिलों में लागू करना शुरू करेगी.हालांकि कोकराझार, कामरूप मेट्रोपोलिटन, जोरहाट, सोनितपुर और कछार जिलों में 16 मई से निगरानी शुरू होगी. राज्य के बाहर से आने वाले लोगों के लिए पांच जोनल स्क्रीनिंग कैंप स्थापित किए जाएंगे.

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इस मामले को लेकर दस्तावेज में कहा गया है कि, 'राज्य में कोविड-19 महामारी के फैलने और कंटेनमेंट की श्रृंखला पहले चरण में ही तोड़ने में असम सफल रहा है. प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूती से आगे बढ़ाने की दिशा में निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है. लगातार महसूस किया गया है कि जांच की क्षमता बढ़ाने के साथ ही सभी एसएआरआइ और आइएलआइ के मामले को कवर करने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए.'

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