जानिए आज के दिन का महत्व

पितृ पक्ष 15 दिनों की अवधि है जब लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष माह में दो पखवाड़े हैं। अष्टमी श्राद्ध उन परिवार के लोगों के लिए किया जाता है जो माह के दो पक्षों में से किसी एक की अष्टमी तिथि को इस दुनिया से चले गए थे। 2021 की अष्टमी श्राद्ध 29 सितंबर बुधवार को है।

अष्टमी श्राद्ध 2021: तिथि और समय:-
अष्टमी तिथि आरम्भ– 28 सितंबर 18:16
अष्टमी तिथि समाप्त– 29 सितंबर 20:29
कुटुप मुहूर्त – 11:47 – 12:35
रोहिना मुहूर्त – 12:35 – 13:22
अपर्णा काल – 13:22 – 15:46
सूर्योदय 06:13
सूर्यास्त 18:09

अष्टमी श्राद्ध: महत्व:-
पितृ पक्ष श्राद्ध समारोह है। कुटुप मुहूर्त एवं रोहिना मुहूर्त को श्राद्ध करने के लिए उत्तम माना जाता है। उसके पश्चात् का मुहूर्त अपराह्न काल ख़त्म होने तक रहता है। श्राद्ध के आखिर में तर्पण किया जाता है। गरुड़ पुराण कहता है कि यमपुरी के लिए आत्मा की यात्रा मृत्यु के 13 दिनों के पश्चात् आरम्भ होती है। ये वहां 17 दिन पश्चात् पहुंचती है। यम के दरबार तक पहुंचने के लिए आत्मा 11 महीने की यात्रा करती है। इस अवधि के चलते भोजन तथा पानी प्रदान करने के लिए पिंडदान एवं तर्पण इस भरोसे के साथ किया जाता है कि ये आत्मा की भूख तथा  प्यास को संतुष्ट करेगा।

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