जब आशा जी ने कहा कांटा लगा

बंगले के पीछे तेरी बेरी के निचे हाय रे पिया, चढ़ती जवानी तेरी चाल मस्तानी जैसे सुपरहिट डांसिंग नंबर से अपनी अदाओ के जलवे बिखेरने वाली दिलकश अदाओ की मलिका आशा पारेख का आज जन्मदिन है. आज यह बॉलीवुड एक्ट्रेस 73 साल की हो गई हैं, 2 अक्टूबर 1942 को उनका जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था. गुजराती परिवार में जन्मी आशा वर्तमान में डांस एकेडमी 'कारा भवन' चला रही हैं. इसके अलावा, सांता क्रूज, मुंबई में उनका हॉस्पिटल 'बीसीजे हॉस्पिटल एंड आशा पारेख रिसर्च सेंटर' भी चल रहा है.

आशा ने उस समय एक्टिंग की शुरुआत कर दी थी जब वे मात्र 10 साल की थीं, 1952 में रिलीज हुई फिल्म 'आसमान' में उन्होंने पहली बार बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था. इसके बाद बिमल रॉय की फिल्म 'बाप बेटी' (1954) उन्होंने काम किया, लेकिन इसकी असफलता ने उन्हें इस कदर निराश किया कि उन्होंने फिल्मों में काम न करने का फैसला ले लिया. आशा ने 16 साल की उम्र में फिल्मों में वापसी का फैसला लिया, वे विजय भट्ट की फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' (1959) में काम करना चाहती थीं, लेकिन डायरेक्टर ने उन्हें यह कहकर चांस नहीं दिया कि वे स्टार मटेरियल नहीं हैं.

हालांकि, दूसरे ही दिन उन्होंने प्रोड्यूसर सुबोध मुखर्जी और डायरेक्टर नासिर हुसैन ने अपनी फिल्म 'दिल देके देखो'(1959) में साइन कर लिया, इस फिल्म में शम्मी कपूर उनके अपोजिट रोल में थे. फिल्म सुपरहिट साबित हुई और आशा रातों रात बॉलीवुड की सुपरस्टार बन गईं. इस फिल्म के बाद हुसैन ने आशा को छः और फिल्मों 'जब प्यार किसी से होता है' (1961), 'फिर वही दिल लाया हूं' (1963), 'तीसरी मंजिल' (1966), 'बहारों के सपने' (1967), 'प्यार का मौसम' (1969) और 'कारवां' (1971) के लिए साइन कर लिया और सभी ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता बटोरी.

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